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वर्दी नंबर १२ : लघुकथा (हरि प्रकाश दुबे)

“हर बार, वह उस आखिरी ‘समोसे’ की तरह मन मसोस कर रह जाता, जिसे कोई नहीं खाता था, आखिर वह अपने डिग्री कॉलेज की क्रिकेट टीम का ‘१२ वाँ खिलाड़ी जो था’ पर आज उसने हिम्मत जुटाकर ‘कप्तान’ से कहा ‘सर’ एक बार मुझे भी खेलने का मौका चाहिए!”

“अरे यार, तुम तो टीम के अभिन्न अंग हो, तुम तो बस मैच का आनन्द लो, हां बस बीच –बीच में चाय, पानी, समोसा, कोल्डड्रिंक, जूस –वूस ले आया करो !”

“समय बदला और फाइनल मैच से ठीक एक दिन पहले कप्तान और उसका प्रिय खिलाड़ी कार दुर्घटना में जख्मीं हो गए, और उस दिन ‘आशुतोष’ की धुआंधार पारी की बदौलत टीम ने फाइनल मैच जीत लिया!” “आशुतोष को ‘मैन ऑफ़ द मैच’ घोषित किया गया, टीम का उत्साह अपने चरम पर था !”

“बियर की बोतल खुल चुकी थी, आशुतोष के साथ ‘जीत का कप’ हवा में लहरा रहा था, स्टेडियम में तालियों के शोर के बीच से एक आवाज़ बार-बार आ रही थी, वर्दी नंबर १२ .. वर्दी नंबर १२ !”

© हरि प्रकाश दुबे

"मौलिक व अप्रकाशित”     

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Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 10:08am
आदरणीय सौरभ पाण्डेय सर , रचना को स्वीकृति प्रदान करने एवं मान देने के लिए आपका बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद , सादर।
Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 10:06am
आदरणीय जितेन्द्र पस्टारिया साहब ,रचना पर आपकी उत्साहवर्धक सराहना के लिए, आपका बहुत-बहुत आभार ,सादर
Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 10:04am
आदरणीय खुर्शीद खैरादी साहब रचना पर आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धन्यवाद आपका ! सादर
Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 9:59am

आदरणीय गिरिराज भंडारी सर आपका आशीर्वाद मिल गया ,रचना सार्थक हुई ! सादर !

Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 9:57am

आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी, आपकी प्रतिक्रिया से उत्साह मिला आपका बहुत - बहुत धन्यवाद ! सादर 

Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 9:56am

आदरणीय महर्षि त्रिपाठी जी , उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए आपका  हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ ,हार्दिक धन्यवाद ! 

Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 9:54am

आदरणीया अर्चना तिवारी जी, रचना पर आपके समर्थन से बल मिला, लघुकथा की मुक्तकंठ से प्रशंसा हेतु हार्दिक आभार !

Comment by Hari Prakash Dubey on February 26, 2015 at 9:51am

आपकी प्रतिक्रिया से उत्साह मिला  आपका बहुत - बहुत धन्यवाद ,आदरणीया प्रतिभा त्रिपाठी जी ! सादर

Comment by Hari Prakash Dubey on February 25, 2015 at 12:10pm

आदरणीया उषा चौधरी साहनी जी,  रचना पर आपकी प्रतिक्रिया हेतू बहुत बहुत आभार !

Comment by Hari Prakash Dubey on February 25, 2015 at 12:02pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी रचना पर आपकी उपस्थिति और आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार ! सादर

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