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एक कली प्यारी सी

मासूम सी

खिलना चाहती थी

वह भी

इस खूबसूरत दुनिया

देखना चाहती थी

पर लोगों को कुछ

और चाहिए था

इसलिए मार दिया उसको

आखिर क्यों

वे ऐसा कदम उठाते हैं

जन्म लेने से पहले ही

उस कली को उखाड़ फेंकते हैं

प्रश्न पूछता हूँ उनसे

क्यों वे ऐसा करते हैं

किस चीज़ की चाह है उनकी

जो लडकियां नहीं कर सकती

इतिहास के पन्नो को उठाकर देखो

लक्ष्मीबाई से कल्पना चावला तक

माधुरी से पी टी ऊषा तक

सबने हर क्षेत्र तक

अपना परचम लहराया है

सिर्फ एक दहेज़ के

लालच में ही

तुम उन्हें मार देते हो

एक कली प्यारी सी

मासूम सी

                खिलना चाहती थी ………

“मौलिक व अप्रकाशित”

Views: 565

Comment

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Comment by Shyam Narain Verma on June 19, 2013 at 10:29am
इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ.................
Comment by वीनस केसरी on June 19, 2013 at 10:04am

बहुत सुन्दर भाव हैं 

इस विषय पर इतनी बार इतना कुछ कहा जा चुका है कि दोहराव का खतरा बना रहता है ...

Comment by Meena Pathak on June 17, 2013 at 5:14pm

सुन्दर 

Comment by राजेश 'मृदु' on June 17, 2013 at 1:34pm

यह संदेश सार्वभौमिक है, आप लिखते रहें

Comment by yatindra pandey on June 16, 2013 at 8:28pm

SUNDAR

 

Comment by coontee mukerji on June 16, 2013 at 5:44pm

सुंदर भाव है पर थोड़ा दमदार होता तो  और अच्छा होता./ सादर / कुंती .

Comment by D P Mathur on June 16, 2013 at 4:57pm

सिर्फ एक दहेज के
लालच में ही
तुम उन्हें मार देते हो
वास्तविकता यही है, अति सुन्दर !!!

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