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दिल की धडकनों को महसूस करके देखो.

कुछ देर मेरे साथ चल के देखो.

तुम्हारे सारे ग़म में अपने सीने में छुपा लुंगी.

बस एक बार मुझे पे  भरोसा करके देखो.

अपने हाथों को मेरे हाथों में देके देखो,

अपनी आँखों से मेरी आँखों में आके देखो,

झील सा मीठा पानी, भले न पाओगे

पर खरे अश्कों को मीठा होता देखोगे.

बस एक बार मुझ पर भरोसा करके देखो,

कुछ देर मेरे साथ चल के देखो. 

                                                           मोनिका जैन "डोली" 

 

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Comment by कवि - राज बुन्दॆली on March 11, 2012 at 11:00pm

मोनिका जी क्या बारीकी है ,,,,,,,बधाई

 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on March 11, 2012 at 8:59pm

बहुत सुंदर भाव पूर्ण आश्वासन. बधाई हो 

Comment by Abhinav Arun on March 11, 2012 at 3:44pm

बहुत ही भाव पूर्ण कविता आदरणीया मोनिका जी !!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 11, 2012 at 3:07pm

bahut khoob monika ji 

कुछ देर मेरे साथ चल के देखो. 

                             jabardast prastuti

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on March 11, 2012 at 1:05pm

अपनी आँखों से मेरी आँखों में आके देखो,

झील सा मीठा पानी, भले न पाओगे,

पर खारे अश्कों को मीठा होता देखोगे,

आदरणीया मोनिका जी, बहुत ही सुन्दर भाव संप्रेषित किये आपने| बहुत ख़ूब|

Comment by Harish Bhatt on March 11, 2012 at 12:33pm

Monika ji namastey..........

Wah kya baat hai. bahut accha.

दिल की धडकनों को महसूस करके देखो.

कुछ देर मेरे साथ चल के देखो.

तुम्हारे सारे ग़म में अपने सीने में छुपा लुंगी.

बस एक बार मुझे पे  भरोसा करके देखो

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