For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

इलाहाबाद : काव्य गोष्ठी

इलाहाबाद : काव्य गोष्ठी
स्थान - चंद्रशेखर आजाद पार्क, इलाहाबाद
दिनांक - २६-११-११
समय - २ बजे से ५ बजे

राणा प्रताप काव्य पाठ करते हुए

 

 

जयकृष्ण राय 'तुषार' काव्य पाठ करते हुए 

Views: 576

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by sanjay parashar on December 13, 2011 at 6:24pm

 बहुत खूब !! सनातन काल से ही साहित्य और साहित्यकारों की रक्षा ऐसी ही गोष्ठियों द्वारा होती रही है .. उक्त क्रम यूं ही बना रहे इन्हीं कामनाओं के साथ ... अपार बधाईयाँ !! 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 4, 2011 at 6:37pm

भइया, येई तो है कविताई.. कबौ-कबौ बिम्ब बम्ब के नाईं लाग परै.. सोझा कप्पारै पर.. :-))))))) 

Comment by वीनस केसरी on December 4, 2011 at 6:06pm

महोदय, मेरे एक मित्र हैं विवेक मिसरा और उनके एक मित्र हैं सक्तीश जी
तो जब विवेक से सक्तीश ने एक बार पूछा था कि
"का हो गुरु रसगुल्ला के फोटो कहाँ है ?"

तो हमारे मित्र विवेक मिसरा का कहना था कि "वो तो मुंह से वाया पेट होते हुए कहीं और पहुँच गए"

तो आप देख सकते हैं कि मैंने कोई गज़ल गीत नहीं लिखा है मगर बिम्ब में बात की है और आप समझदार बहुत हैं

हैं न ?

Comment by विवेक मिश्र on December 4, 2011 at 11:16am

वीनस भाई! ढोकलों की फोटुएँ कहाँ हैं? :)))

Comment by Admin on November 26, 2011 at 11:56pm
साहित्यिक नगरी में "ओ बी ओ काव्य गोष्टी" के सफल संचालन पर आप सभी को अनेकानेक धन्यवाद |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service