For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हमारे ओबीओ से जुड़े एक मित्र श्री अलबेला खत्री जी बहुत गंभीर अवस्था में सूरत के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं जिस किसी से कोई भी सहायता बने कर सकते हैं भगवान् से प्रार्थना है वो जल्दी ठीक हो जाएँ |

....फेस बुक से ----

Hello friends, 
Pls Dont ignore this msg : 
Our lovely n respected friend n 
very famous writer-poet 

Shri Albela Khatriji is very serious n in danger situation.

Admitted in Mahavir Hospital, 
No. 3011, Troma Ctr. 
He needs more n more ur good wishes n FINANCIAL HELP also. 
Jo koi bhi unhe Finacially Help karna chahta he, 
pls hospital jakar unki wife ko mile. Kyuki hospital ka bill bahot hi jyada ayega. Mahendra bhai Shah ne (Art India), maine aur dusre kuch gunijan mitro ne apni taraf se help ki he. Ab aap log bhi thode aage badhiye aur unhe madad kijiye... pls pls pls.. 
or if possible, transfer ur fund in directly "Mahavir Charitable Trust" 
or in his bank account.. 

Name : Tikamchand alyas Albela Khatri. 
Acc no. : 274310110000262. 
Bank : Bank of India. 
Branch : Ghod dod road, Surat. 

Duniya me hamesha sabko hasanewale ka family aaj ro raha he.

Pls pls pls. 
Share this msg to all artist n charity...
 —

Views: 780

Reply to This

Replies to This Discussion

यह सूचना सन्न कर देनेवाली है. मैं ओबीओ के समस्त सदस्यों की ओर से परम पिता परमेश्वर से आदरणीय अलबेलाजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहा हूँ.

हाल की प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कहूँ, तो आदरणीय अलबेलाजी मंचीय कवि-सम्मेलनों में अत्यंत व्यस्त थे. ऐसी सूचनाओं को वे नियमित अपलोड भी कर रहे थे. फिर पिछले हफ़्ते एक अरसे बाद ओबीओ पर भी ’दिखे’ थे. हालाँकि उनकी कोई प्रस्तुति या किसी प्रस्तुति पर प्रतिक्रिया आदि नहीं आयी लेकिन उनका चैटबॉक्स में दीखना भी आश्वस्त कर रहा था कि समयाभाव के कारण ही उनकी अनुपस्थिति प्रतीत हो रही है. परन्तु, उनकी ऐसी दशा की सूचना मिलेगी इसकी तो मैंने दुःस्वप्न में भी कल्पना नहीं की थी.

स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः ।
स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः ।
स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः ।
स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
(सर्वत्र फैले यश वाले इंद्र हमें कल्याण प्रदान करें, संपूर्ण विश्व का ज्ञान रखने वाले पूषा/सूर्य हमारा कल्याण करें, अरिष्टों/रोगों के विनाश की शक्ति वाले गरुड़ देवता हमारे लिए कल्याणकारी सिद्ध हों, बुद्धि के स्वामी वृहस्पति हमारे कल्याण की पुष्टि करें.
सर्वत्र शांति व्यापे !)

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
39 minutes ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
47 minutes ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
50 minutes ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
2 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

   ग़ज़ल2122  2122  212 कितने काँटे कितने कंकर हो गयेहर  गली  जैसे  सुख़नवर हो गये रास्तों  पर …See More
5 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
8 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service