For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Khan Hasnain Aaqib's Discussions (9)

Discussions Replied To (9) Replies Latest Activity

"बहोत खूब गझल कही रचना जी.. मुबारकबाद स्विकार करें"

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"रचना जी, आप का भी शुक्रिया के आप ने पसंद फरमाया.."

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"जी जनाब, बहोत शुक्रिया, taqabul के ऐब से मैं भी परहेज करता हूं लेकिन ये गझल फिल बदीह…"

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"बहोत शुक्रिया जनाब ए आली "

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"बेह्तरीन गझल, मतला से मक्ता तक, हर शेर मानवियेत से भरपूर सातवे शेर में अगर काफिया शर…"

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"खूब है जनाब "

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"बहोत उम्दा गझल कही है आपने, मतला तो ख़ास तौर पर दाद के क़ाबिल.. बहोत मुबारक बाद "

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"गझल  वक़्त बदले तो हर एक ज़ेर ज़बर  बनता है आम को चूस के खाना भी ख़बर बनता है। मु…"

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

"गझल  वक़्त बदले तो हर एक ज़ेर ज़बर बनता है आम को चूस के खाना भी ख़बर बनता है। मुद…"

Khan Hasnain Aaqib replied Mar 27, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-117

171 Mar 28, 2020
Reply by Samar kabeer

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई तिलकराज जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर सुझाव दिये हैं आपने। इससे गजल पर बारीक नजर रखने और…"
13 minutes ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"कुछ सरल से सुधार देखें। क्या गिला वो किसी को भूल गया (“क्या गिला गर किसी को भूल गया”)…"
27 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। गिरह भी अच्छी हुई है।हार्दिक बधाई।"
30 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ.रिचा जी अभिवादन। गजल प्रयास अच्छा हुआ है । लेकिन थोड़ा समय और देने से ये और निखर सकती है। गुणी जनो…"
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अच्छी ग़ज़ल हुई है ऋचा जी। मक्ता ख़ास तौर पर पसंद आया। बहुत दाद    दूसरा शेर भी बहुत…"
9 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"प्रिय लक्ष्मण भाई, अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई।  //पाप करने पे आ गया जब मैंरब की मौजूदगी को भूल…"
9 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय जयहिंद जी, नमस्कार, अच्छे अशआर हुए हैं। कहीं कहीं कुछ-कुछ परिवर्तन की ज़रूरत लग रही है।…"
9 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"जिसको पाकर सभी को भूल गया  भूल से मैं उसी को भूल गया     राही जिद्द-ओ-जहद में…"
9 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112/22 आदमी सादगी को भूल गयाक्या गलत क्या सही को भूल गया गीत गाये सभी तरह के पर मुल्क…"
9 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"नमन मंच  सादर अभिवादन "
10 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122 1212 112 बाप ख़ुद की ख़ुशी को भूल गया आज बेटा उसी को भूल गया १ ज़ीस्त की उलझनों में यूँ…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गिरह सहित सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
14 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service