For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अजीत शर्मा 'आकाश''s Discussions (908)

Discussions Replied To (882) Replies Latest Activity

"आपके आशीर्वचनों के लिए हार्दिक आभारी हूँ, आ0 समर कबीर साहब। पढ़ते समय 'दीवाना' में मा…"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied May 23, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-119

417 May 24, 2020
Reply by नादिर ख़ान

"शिकवे-गिले सुनाना, सताना बहुत हुआ। बाहों में आ भी जाओ, बहाना बहुत हुआ। फिर फूल मुस्…"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied May 22, 2020 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-119

417 May 24, 2020
Reply by नादिर ख़ान

"बहुत उम्दा ग़ज़ल.... हालात को बयाँ करते हुए अशआर.... क्या कहने !!!"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Nov 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101

930 Nov 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"उम्दा अशआर कहे हैं..... अच्छी ग़ज़ल हुई है !!!"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Nov 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101

930 Nov 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"बहुत अच्छी ग़ज़ल है.... अच्छे अशआर.... क्या कहने !!! "

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Nov 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101

930 Nov 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"क्या ख़ूब अशआर.... क्या कहने !!!"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Nov 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101

930 Nov 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल हुई है, नादिर साहब !!!"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Nov 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-101

930 Nov 24, 2018
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल हुई है आ0 रवि जी... ख़ुशबू का प्रयोग एकवचन में ही किया जाना चाहिए.... बहुव…"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Oct 21, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

734 Oct 21, 2018
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत उम्दा कहा है आ0 राजेश कुमारी जी.... वाह !!!"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Oct 21, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

734 Oct 21, 2018
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"अत्यन्त आभार आ0 रवि शुक्ल जी !!!"

अजीत शर्मा 'आकाश' replied Oct 21, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

734 Oct 21, 2018
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sanjay Shukla replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"212 212 212 212 वक़्त पड़ जाए कम ज़िंदगी के लिये बैठ जाऊँ मैं गर दो घड़ी के लिये /1 इक चमक मेरी…"
1 hour ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"212      212     212     212 भूल जाये दुनिया वो…"
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"212 212 212 212 इससे बढ़कर नहीं कुछ किसी के लिएहर कोई जीता है फैमिली के लिये 1 ओढ़ कर रात आई अँधेरा…"
2 hours ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"इश्क़ काफ़ी नहीं ज़िन्दगी के लिए और कुछ चाहिए आदमी के लिए मयक़दे में भी मौजूद है वो ख़ुदा मशविरा है…"
2 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"सादर अभिवादन आदरणीय। उसने छोड़ा हमें अजनबी के लिए.. बहुत खूब आदरणीय।"
2 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"ग़म से लड़ना भी है हर ख़ुशी के लिए हौसला रख ज़रा ज़िंदगी के लिए । 1 नेकियाँ, चाहतें, हक़ बयानी,…"
2 hours ago
Zaif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"212 212 212 212 ज़िंदगी खप गई ज़िंदगी के लिए हाथ मतले रहो अब ख़ुशी के लिए मैं अकेला ही कितनों से…"
2 hours ago
नाथ सोनांचली replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"हम किसी के लिए तुम किसी के लिएजीते  हैं दूसरों  की  ख़ुशी  के लिए बात ये भूलना…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"सादर अभिवादन"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"212 212 212 212दीप जलता नहीं रौशनी के लिएवक्त अच्छा हुआ तीरगी के लिए।१।*लोग बेकल बहुत दुश्मनी के…"
2 hours ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम!"
2 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"स्वागत है"
2 hours ago

© 2023   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service