For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Shrddha
Share on Facebook MySpace

Shrddha's Friends

  • Akshay Thakur " परब्रह्म "
  • Rana Navin
  • GOPAL BAGHEL 'MADHU'
 

Shrddha's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
Singapore
Native Place
Singapore
Profession
Teacher

Shrddha's Photos

  • Add Photos
  • View All

Shrddha's Blog

प्यार में शर्त-ए-वफ़ा पागलपन

प्यार में शर्त-ए-वफ़ा पागलपन
मुद्दतों हमने किया, पागलपन

हमने आवाज़ उठाई हक की
जबकि लोगों ने कहा, पागलपन

जाने वालों को सदा देने से
सोच क्या तुझको मिला, पागलपन

लोग सच्चाई से कतरा के गए
मुझ पे ही टूट पड़ा, पागलपन

जब भी देखा कभी मुड़ कर पीछे
अपना माज़ी ही लगा, पागलपन

खो गए वस्ल के लम्हे "श्रद्धा"
मूंद मत आँख, ये क्या पागलपन

Posted on November 17, 2010 at 6:00pm — 16 Comments

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:10pm on November 8, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें।
At 1:48pm on November 20, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीया श्रद्धा बहन, प्रणाम,
आप ने कुछ जानना चाहा है मैं क्रम से बताता हूँ .....

१- प्रोफाइल फोटो लगाने का तरीका

Sign in होने के बाद सबसे पहले आप Tab से मेरा पन्ना क्लिक करे, वहा आप के प्रोफाइल फोटो की जगह default फोटो होगा जिसपर क्लिक करे उसके बाद Browse कर प्रोफाइल फोटो लगाने का आप्शन मिल जायेगा |

२- रचना पर टिप्पणी कैसे करे ....

अ)ब्लॉग मे टिप्पणी हेतु सम्बंधित ब्लॉग खोलकर जो writing बॉक्स होगा उसमे टिप्पणी लिख दे, जिसप्रकार आप अपने ब्लॉग मे लिखी है |

ब) फोरम मे टिप्पणी हेतु जिसपर टिप्पणी करनी हो ठीक उसके नीचे Reply आप्शन होता है, और यदि सीधे कुछ पोस्ट करनी हो तो मुख्य बॉक्स मे पोस्ट कर दे , जैसे "OBO लाइव तरही मुशायरा" मे यदि आपको अपनी ग़ज़ल पोस्ट करनी हो तो सीधे "OBO लाइव तरही मुशायरा" मुख्य पृष्ठ से ओपन करे जो सबसे ऊपर reply बॉक्स दिखे उसमे पोस्ट कर दे , और यदि किसी की ग़ज़ल पर टिप्पणी देनी हो तो उक्त ग़ज़ल के नीचे Reply आप्शन मिलेगा |

यदि फिर भी कोई समस्या हो तो "मैं हूँ ना" आप मुझे लिखे या ADMIN को लिखे |
At 5:59pm on November 17, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 5:54pm on November 17, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 5:53pm on November 17, 2010,
सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh
said…
श्रद्धा दीदी आपका बहुत बहुत स्वागत है|

At 5:50pm on November 17, 2010, Admin said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अच्छी ग़ज़ल हुई है ऋचा जी। मक्ता ख़ास तौर पर पसंद आया। बहुत दाद    दूसरा शेर भी बहुत…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"प्रिय लक्ष्मण भाई, अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई।  //पाप करने पे आ गया जब मैंरब की मौजूदगी को भूल…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय जयहिंद जी, नमस्कार, अच्छे अशआर हुए हैं। कहीं कहीं कुछ-कुछ परिवर्तन की ज़रूरत लग रही है।…"
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"जिसको पाकर सभी को भूल गया  भूल से मैं उसी को भूल गया     राही जिद्द-ओ-जहद में…"
1 hour ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112/22 आदमी सादगी को भूल गयाक्या गलत क्या सही को भूल गया गीत गाये सभी तरह के पर मुल्क…"
1 hour ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"नमन मंच  सादर अभिवादन "
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122 1212 112 बाप ख़ुद की ख़ुशी को भूल गया आज बेटा उसी को भूल गया १ ज़ीस्त की उलझनों में यूँ…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गिरह सहित सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112**बिसलरी पा  नदी को भूल गयाहर अधर तिस्नगी को भूल गया।१।*पथ की हर रौशनी को भूल…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन।"
10 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला वो किसी को भूल गय इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा रात को इक और फिर रात…"
14 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन "
15 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service