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Anant Alok
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Gender
Male
City State
Dadahu
Native Place
Nahan
Profession
Gajal Writer
About me
I am a Govt Teacher and like to write poems, gajals and story , short story , baal sahity etc

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Anant Alok's Blog

कविता

रावण

.

तिल्ली का मुंह

दियासलाई की पीठ पर

रगड़ते ही

रावण

धू धू कर जल उठा

उसके जिस्म की आग

धुंआ और राख

ऊपर उठकर

फ़ैल गए चार सू

यहाँ वहां जहाँ तहां

अँधेरे से जुगलबंदी कर

लोट आये पुनः धरा पर

शबनम संग चुपके से

जब आप थे निद्रा के आगोश में

उसके भस्मबीज

चू पड़े खेतों में

खड़ी साग सब्जी और फसलों

के अंतरमन में

और

उग आये रावण

गाँव -गाँव …

Continue

Posted on October 13, 2016 at 8:00pm — 3 Comments

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At 11:44pm on August 11, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

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 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

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