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वीनस केसरी's Discussions (2,462)

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"घुमाओ और जमाओ में घु और ज में न तो व्‍यंजन साम्‍यता है और न ही स्‍वर साम्‍यता अत: यह…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

""पागल" "बादल" के साथ "दिल" की काफियाबंदी में हिन्‍दी के नज़रिये से भी दोष दिखता है इ…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

"हिन्दी में अरूजियों के द्वारा सिनाद दोष को नकारा नहीं गया है ये अलग बात है कि लोग जा…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

"मतले मे "बस्ते" और "चलते" दोनों काफिया के रुप मे लिये जा सकते है। जी नहीं मतले मे "ब…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल संक्षिप्‍त आधार जानकारी-10

37 Oct 29, 2023
Reply by Riju Nag

"राणा भाई ये मतले डिफेक्टिव कैसे हैं ?समझ नहीं सका ...२. लफ़्ज़ एहसास—से छाने लगे, ये…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-5

36 Apr 22, 2017
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"संस्‍कार मूल शब्‍द है टंकार के साथ मत्‍ले में काफि़या के रूप में आ सकता है।यदि  ऐसा…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-4

33 Apr 27, 2019
Reply by Rachna Bhatia

"'दुआओं' और 'राहों' में ईता दोष नहीं है क्षमा करें 'दुआओं' और 'राहों' में छोटी इता है"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

"मत्‍ले में 'सटो' और 'मिटो' ले लिया जाता तो काफि़या सिर्फ 'टो रह जाता और अन्‍य शेर मे…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

"कुमार विश्वास के चर्चित मुक्तक/ कत्आ को इस सिनाद दोष की वजह से ही अरूजी बहस का मुद्द…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

""घुमाओ" और "जमाओ" को किसी दशा में मतले में नहीं बाँधा जा सकता इससे सिनाद का दोष पैदा…"

वीनस केसरी replied Feb 20, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

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"बहुत सुंदर अभिव्यक्ति हुई है आ. मिथिलेश भाई जी कल्पनाओं की तसल्लियों को नकारते हुए यथार्थ को…"
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Saurabh Pandey commented on मिथिलेश वामनकर's blog post कहूं तो केवल कहूं मैं इतना: मिथिलेश वामनकर
"आदरणीय मिथिलेश भाई, निवेदन का प्रस्तुत स्वर यथार्थ की चौखट पर नत है। परन्तु, अपनी अस्मिता को नकारता…"
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"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित ।…"
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"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभार आदरणीय"
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दोहा पंचक. . . . मजदूरवक्त  बिता कर देखिए, मजदूरों के साथ । गीला रहता स्वेद से , हरदम उनका माथ…See More
Jun 3

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मिथिलेश वामनकर commented on मिथिलेश वामनकर's blog post कहूं तो केवल कहूं मैं इतना: मिथिलेश वामनकर
"आदरणीय सुशील सरना जी मेरे प्रयास के अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद आपका। सादर।"
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Sushil Sarna commented on मिथिलेश वामनकर's blog post कहूं तो केवल कहूं मैं इतना: मिथिलेश वामनकर
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .मजदूर
"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक मधुर प्रतिक्रिया का दिल से आभार । सहमत एवं…"
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