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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' Online Now
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Page

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"आ. भाई दयारामजी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति व प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"आ. रचना बहन सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति व प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार।"
17 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"आ. ऊषा जी, प्रदत्त विषय पर सुन्दर रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुन्दर गीतिका हुई है। हार्दिक बधाई।"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"आ. प्रतिभा बहन। सादर अभिवादन। सुन्दर कुण्डली छन्द रचा है। हार्दिक बधाई।"
22 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-142
"दोहे ***इच्छा इस आशीष की, करते हम गोविन्दभारत हर मन में बसे, अधरों पर जय हिन्द।।*सोंधी माटी देश की, कणकण में अनुरागकहने को जै हिन्द पर, कहाँ सभी का भाग।।*अभिलाषा रखते सदा, क्या कट्टर क्या रिन्दजीवन दूजा गर मिले, जन्म भूमि हो हिन्द।।*सैनिक आजीवन लड़े,…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post राखी पर कुछ दोहे. . . .
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुन्दर दोहे हुए है। हार्दिक बधाई।"
Thursday
Awanish Dhar Dvivedi commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कहता हूँ तुझसे जन्मों का नाता है ओबीओ
"बिल्कुल सत्य वचन है सर बहुत सुन्दर।"
Wednesday
Awanish Dhar Dvivedi commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post रक्त से भीगा है आगन आज तक भी -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"क्या खूब कहा है आपने बधाईयां।।"
Wednesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई दिनेश जी सादर अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा है किन्तु कुछ समय और देने से यह बेहतरीन हो सकती है क्योंकि कहीं कहीं गेयता बाधित हो रही है। प्रस्तुति व सहभागिता के लिए हार्दिक बधाई।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई चेतन जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व स्नेह के लिए आभार।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. रिचा जी, गजल पर उपस्थिति व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई दयाराम जी, उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई संजय जी, उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. रिचा जी, तरही मिसरे पर अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई दयाराम जी, सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई संजय जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 29
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-145
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। गिरह भी उम्दा हुई है। हार्दिक बधाई। // दिल के तारों पे वही राग उभर आया फिर  फिर किसी ने कहीं भूले से मुझे याद किया // दोनो मिसरो में फिर का उपयोग खटक रहा है। अतः दूसरे मिसरे में फिर की जगह…"
Jul 28

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Dharchaula,uttarakhand
Profession
teaching

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog

दुख से उबर के ओढ़ेगी मुस्कान जिन्दगी -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२२१/२१२१/१२२१/२१२

*

बोलो न आप हो गयी  शमशान जिन्दगी

दुख से उबर के ओढ़ेगी मुस्कान जिन्दगी।१।

*

करते हो मुझ से प्रश्न तो उत्तर यही मेरा

होती है यार मौत  का  अवसान जिन्दगी।२।

*

कहते हैं सन्त मीन सी दानों को देखकर

माया के जाल फसती है नादान जिन्दगी।३।

*

आचल में मौत सासों  को लेते न चूकती

भटकी कहीं जो भूल से यूँ ध्यान जिन्दगी।४।

*

जैसे  विचार  वैसी  ही  जग  में  बनाती  है

सच है सभी की आज भी पहचान जिन्दगी।५।

*

करता रहा है प्यार…

Continue

Posted on July 21, 2022 at 2:50pm

लगाओ लगाओ सदा कर लगाओ -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

१२२/१२२/१२२/१२२

****

लगाओ लगाओ सदा कर लगाओ

बहुत तुच्छ है ये बड़ा कर लगाओ।।

*

अभी रोटियों को अठन्नी बची है

रहे जेब खाली नया कर लगाओ।।

*

कभी रक्त  बहता  दिखे  घाव पर से

दवा छोड़ उस पर कटा कर लगाओ।।

*

गया बचपना तो उसे छोड़ना मत

युवापन बुढ़ापा ढला कर लगाओ।।

*

घटा धूप  बारिश  तजो  चाँदनी मत

मिले मुफ्त क्यों ये हवा कर लगाओ।।

*

जो पीते पिलाते  उन्हें मुफ्त बाँटो

न पीते हुओं पर नशा कर लगाओ।।

*

विलासी  लगा  है  उदासी  नहीं…

Continue

Posted on July 20, 2022 at 7:28am — 4 Comments

करो जुर्म जमकर ये अन्धेर नगरी-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

१२२/१२२/१२२/१२२


समझ मत उसे यूँ बुरा और होगा
तपेगा  दुखों  में  खरा और होगा।।
*
उजाला कभी जन्म लेगा वहाँ भी
अँधेरा कहाँ तक भला और होगा।।
*
रवैय्या है बदला यहाँ चाँद ने अब
रहेगा  कहीं  पर  पता  और होगा।।
*
लहू में है उस  के  वही साहूकारी
कहा और होगा लिखा और होगा।।
*
करो जुर्म जमकर ये अन्धेर नगरी
सजा को तुम्हारी गला और होगा।।
**
मौलिक/अप्रकाशित
लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

Posted on July 18, 2022 at 6:40am — 6 Comments

शब्द - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

दोहे

****

मुख सा सम्मुख और के, रखिए शब्द सँवार

सुन्दर  शब्दों  के  बिना, कहते  लोग  गँवार।१।

*

युद्ध शब्द  से  जन्मते, और  शब्द से शान्ति

महिमा अद्भुत शब्द की, जिससे होती क्रांति।२।

*

कोई शब्दों में भरे, अद्भुत सहज मिठास I

कोई रीता रख उन्हें, देता अनबुझ प्यास।३।

*

कोई सज्जन कह  गया, बात  बड़ी गम्भीर।

जीवन घायल मत करो, शब्दों को कर तीर।४।

*

कोई छाया दे  सदा, कर शब्दों को पेड़।

कोई शब्दों से यहाँ , बखिया देत…

Continue

Posted on July 6, 2022 at 5:30am

Comment Wall (21 comments)

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At 3:37pm on December 21, 2021, KullarSaddik said…

अपने आतिथ्य के लिए धन्यवाद :)

At 8:45am on January 16, 2021, Aazi Tamaam said…

मुसाफिर सर प्रणाम स्वीकार करें आपकी ग़ज़लें दिल छू लेती हैं

At 8:39pm on December 3, 2020,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी 

At 11:39pm on November 22, 2020, DR ARUN KUMAR SHASTRI said…

प्रिय भ्राता धामी जी सप्रेम नमन
आपके शब्द सहरा में नखलिस्तान जैसे - हैं

At 8:37am on May 14, 2020, Om Prakash Agrawal said…
आदरणीय
सराहना हेतु सहृदय आभार एवं धन्यवाद
At 4:12pm on May 7, 2020, सालिक गणवीर said…
हौसला अफजाई के लिए आपका ममनून हूँ आदरणीय
At 10:58am on October 18, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी जी बहुत शुक्रिया
At 2:30pm on September 28, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय लक्ष्मण धामी ' मुसाफिर' जी बहुत बहुत शुक्रिया हौसला अफ़जाई का आपने समय निकाला मैं बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
At 10:47am on August 24, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्षमण धामी जी
At 10:03pm on May 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आदाब
बहुत बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने के लिए!
 
 
 

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