For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Madhu Passi 'महक'
  • Female
  • India
Share

Madhu Passi 'महक''s Groups

 

Madhu Passi 'महक''s Page

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"आ. मधु महक जी , अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Sep 13, 2020
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"आदरणीय आशीष यादव जी रचना पसंद आने के लिए बहुत बहुत आभार महोदय! "
Sep 12, 2020
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब! आपकी हौसला अफ़ज़ाई के लिए तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ और आपकी बात का ध्यान रखूंगी। "
Sep 12, 2020
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर नमस्कार! मेरी लघुकथा तक आने के लिए  और प्रोत्साहन देने के लिए बहुत बहुत आभार महोदय! "
Sep 12, 2020
आशीष यादव commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"बहुत ही अच्छी लघुकथा है। संदेशपरक्। आदरणीया मधु जी बधाई स्वीकार करें। "
Sep 10, 2020
आशीष यादव commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"गुरू को मान देती एक अच्छी रचना का प्रयास। बधाई स्वीकार कीजिये। "
Sep 10, 2020
Samar kabeer commented on Madhu Passi 'महक''s blog post श्राद्ध
"मुहतरमा मधु जी आदाब, अच्छी लघुकथा लिखी आपने, बधाई स्वीकार करें । निवेदन है कि रचना के साथ उसकी विधा भी लिख दिया करें ।"
Sep 10, 2020
Madhu Passi 'महक' posted a blog post

श्राद्ध

"सुनो !! आज दो लीटर दूध और लेकर आना , बाबूजी का श्राद्ध करना है," ममता ने अपने पति रोहन से कहा ।"ठीक है, ले आऊंगा," ये कहकर रोहन दूध लेने चला गया। "चलो सोनू बेटा जल्दी करो! आज पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराना है ;फटाफट नहा कर आओ! क्योंकि श्राद्ध तुम्हारे हाथ से होगा,"ये कहते हुए वो रसोई में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में व्यस्त हो गई। "मम्मा ये श्राद्ध हम क्यों कर रहे हैं ?" सोनू ने पूँछा। "ये करने से तुम्हारे दादू हमें आशीर्वाद देंगे," हमारे घर में सम्पन्नता आएगी,तुम पढ़ाई में होशियार बन अच्छे…See More
Sep 8, 2020
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"आदरणीया डिम्पल शर्मा जी सादर नमस्कार! रचना पर आपकी उपस्थिति और प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत बहुत आभार। "
Sep 8, 2020
Madhu Passi 'महक' commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"समर कबीर जी आदाब! आपकी हौंसला अफ़ज़ाई के लिए तह-ए-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ ।"
Sep 8, 2020
Samar kabeer commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"मुहतरमा मधु जी आदाब, अच्छी रचना हुई है ,बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 7, 2020
Dimple Sharma commented on Madhu Passi 'महक''s blog post शिक्षक
"आदरणीया मधु जी नमस्ते, खुबसूरत रचना पर बधाई स्वीकार करें आदरणीया।"
Sep 6, 2020
Madhu Passi 'महक' posted a blog post

शिक्षक

शिक्षक है एक कुम्भकार और शिल्पकार हम गीली मिट्टी देता हमे वो आकारउसने ही अच्छे बुरे का ज्ञान करवायाजीवन रूपी भंवर में कैसे है  तैरना  ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलायाजैसे नदी में एक नाव माझी बिना वैसे ही अज्ञानी हम शिक्षक बिना जिंदगी में उसने हमें सही मुक़ाम पर पहुंचायाजीवन रूपी भंवर में कैसे है तैरना  ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलाया उसने कभी कुछ नहीं हमसे माँगा आगे बढ़ता देख हमें वो फूला न समाया     गलती करने पर हमे थप्पड़ भी लगाया जीवन रूपी भंवर में कैसे है तैरना ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलायाउसने ही राम…See More
Sep 6, 2020
Madhu Passi 'महक' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-65 (विषय: "उम्मीद का दामन")
"वर्तमान व्यवस्था पर तंज करती संदेशवाहक लघुकथा के लिए आपको हार्दिक बधाई उस्मानी सर जी। आपकी लेखन शैली तो कमाल की है! "
Aug 31, 2020
Madhu Passi 'महक' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-65 (विषय: "उम्मीद का दामन")
"आदरणीय विनय कुमार जी लघुकथा को समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। आपकी बताई गई बातों पर  अवश्य।ध्यान दूंँगी। "
Aug 31, 2020
Madhu Passi 'महक' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-65 (विषय: "उम्मीद का दामन")
"बेहतरीन लघुकथा के लिए आपको हार्दिक बधाई बबिता गुप्ता जी। "
Aug 31, 2020

Profile Information

Gender
Female
City State
Ferozepur
Native Place
Ferozepur
Profession
Tutor
About me
I am a tutor of spoken English. Writing poetry, stories and articles is my passion. My pen name is महक

Madhu Passi 'महक''s Blog

श्राद्ध

"सुनो !! आज दो लीटर दूध और लेकर आना , बाबूजी का श्राद्ध करना है," ममता ने अपने पति रोहन से कहा ।

"ठीक है, ले आऊंगा," ये कहकर रोहन दूध लेने चला गया। 

"चलो सोनू बेटा जल्दी करो! आज पाँच ब्राह्मणों को भोजन कराना है ;फटाफट नहा कर आओ! क्योंकि श्राद्ध तुम्हारे हाथ से होगा,"ये कहते हुए वो रसोई में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में व्यस्त हो गई। 

"मम्मा ये श्राद्ध हम क्यों कर रहे हैं ?" सोनू ने पूँछा। 

"ये करने से तुम्हारे दादू हमें आशीर्वाद देंगे," हमारे घर में सम्पन्नता…

Continue

Posted on September 8, 2020 at 12:00pm — 5 Comments

शिक्षक

शिक्षक है एक कुम्भकार और शिल्पकार 

हम गीली मिट्टी देता हमे वो आकार

उसने ही अच्छे बुरे का ज्ञान करवाया

जीवन रूपी भंवर में कैसे है  तैरना  

ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलाया

जैसे नदी में एक नाव माझी बिना 

वैसे ही अज्ञानी हम शिक्षक बिना 

जिंदगी में उसने हमें सही मुक़ाम पर पहुंचाया

जीवन रूपी भंवर में कैसे है तैरना  

ये मेरे गुरु ने मुझे सिखलाया 

उसने कभी कुछ नहीं हमसे माँगा 

आगे बढ़ता देख हमें वो फूला न समाया …

Continue

Posted on September 4, 2020 at 11:00am — 6 Comments

यूँ ख़यालों में सनम आने लगे हैं...(ग़ज़ल मधु पासी 'महक')

बह्रे-रमल मुसद्दस सालिम

2122 / 2122 / 2122

यूँ ख़यालों में सनम आने लगे हैं

दिल को मेरे अब वो महकाने लगे हैं [1]

देखते हैं मेरी जानिब इस तरह से

राज़-ए-दिल जैसे वो बतलाने लगे हैं [2]

इश्क़ से अंजान हैं जो लोग अब तक

है मुहब्बत क्या ये समझाने लगे हैं [3]

वो सियासत-दाँ वतन जिनको था सौंपा

देश की मीरास बिकवाने लगे हैं [4]

वो रहा करते हैं आँखों में कुछ ऐसे

जागते में ख़्वाब दिखलाने लगे हैं…

Continue

Posted on August 13, 2020 at 9:47pm — 12 Comments

राखी

राखी

"अभी आ जाएगी तुम्हारी लालची बहन हमारा बजट ख़राब करने,क्या उसे नही पता? लोकडाउन के कारण हमारी आर्थिक हालत ठीक नहीं है? अब उसका बोझ भी उठाना पड़ेगा और राखी का उपहार भी देना पड़ेगा ,"भाभी मेरे भाई से कह रही थी।

"अरे मीनू ऐसे क्यों बोल रही हो? दीदी बहुत समझदार हैं ।इस बार उन्हें हम कोई घर में रखा कोई सूट या साड़ी दे देंगे।"

"मेरी बात ध्यान से सुन लो ! मैं अपना कोई सूट उन्हें नहीं देने वाली,वो मुझे अपने मायके से मिले हैं।" मेरा भाई लाचार सा खड़ा ये सब सुन रहा था। मैं दरवाजे…

Continue

Posted on August 2, 2020 at 3:16pm — 6 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post दम नहीं रहा मेरे यार मे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"प्रिय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिती और सराहना के लिए आपको…"
42 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सालिक गणवीर's blog post दम नहीं रहा मेरे यार मे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आ. भाई सालिक गणवीर जी, सादर अभिवादन । सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post दम नहीं रहा मेरे यार मे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"*मतले का सानी मिसरा यूँ पढ़ा जाए.. क्या रखा है फिर जीत-हार में सातवाँ शैर.. धूप में मुझे पूछने…"
2 hours ago
सालिक गणवीर posted a blog post

दम नहीं रहा मेरे यार मे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

212. 12. 212. 12.दम नहीं रहा मेरे यार मेंक्या रखा फिर जीत हार में (1)कह रहा है वो मन को क़ैद करजो…See More
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-122 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ रात्रि"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-122 in the group चित्र से काव्य तक
"निशा निमंत्रण के आधार पर रचना-कर्म कपने की सलाह किससे ले आए, भाई आज़ी तमाम जी ? "
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-122 in the group चित्र से काव्य तक
"यह तो आयोजन के नियम के विरुद्ध रचना-प्रयास हूूआ है. अन्यथा कर्म का कोई औचित्य नहीं…"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-122 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, आप की सहभागिता का हार्दिक धन्यवाद. तुकांतता पर अभी और अभ्यास अपेक्षित…"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-122 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश भाईजी, आपकी सहभागिता का हार्दिक आभार.  पक्षियाँ पक्षी का बहुवचन जमा नहीं. पक्षी…"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-122 in the group चित्र से काव्य तक
"भाव मन के खोलते ही चित्र भी मुखरित हुआ  इस अनोखे जीव का सब ले रहे हैं सब दुआ  बंधु हम तो…"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

पापा के नाँवे // सौरभ

का बोलीं का हाल हम, रउरे पाटल खेतपापा अपना पूत के, सोचब दँवरी देत टूसा-कोंढ़ी फूल-फल, अङनों अनधन…See More
12 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल ( हो के पशेमाँ याद करोगे)

2222 - 2222 हो के  पशेमाँ  याद  करोगे  रो कर भी  फ़रियाद करोगेयाद करोगे जब भी हमको  अश्क़ अपने…See More
12 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service