For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

डॉ छोटेलाल सिंह
  • Varanasi, Uttar Pradesh
  • India
Share

डॉ छोटेलाल सिंह's Groups

 

डॉ छोटेलाल सिंह's Page

Latest Activity

डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"बहुत लाजबाब गजल हुई आदरणीय सादर शुभकामनाएं"
Jun 26
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"बहुत अच्छी गज़ल हुई आदरणीय सादर बधाई क़ुबूल कीजिए"
Jun 26
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय आजमी जी कितनी भी प्रशंसा करूँ कम है आपकी गज़ल में बहुत दम है सादर शुभकामनाएं क़ुबूल करें"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले साहब सादर अभिवादन अति प्रशंसनीय गज़ल इस सुंदर सार्थक संदेशप्रद गज़ल के लिए दिली मुबारकबाद देता हूँ"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय दिनेश कुमार जी बहुत बेहतरीन गज़ल एक से बढ़कर एक शेर वाह जी वाह दिली मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीया राजेश कुमारी जी बेहतरीन गज़ल के लिए सादर शुभकामनाएं क़ुबूल कीजिए"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय संजय शुक्ला जी बेहतरीन गज़ल के लिए सादर शुभकामनाएं"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय सुरेंद्र इंसान जी बहुत बढ़िया गज़ल हुई सादर बधाई स्वीकार करें"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय तनहा जी बेहतरीन गज़ल के लिए सादर शुभकामनाएं क़ुबूल कीजिए"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय गुरुदेव रवि सर जी आपका जबाब नहीं शेर दर शेर मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए सादर"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"परम आदरणीय समर साहब जी सादर अभिवादन आपके मार्गदर्शन से एक पग और बढाने का हिम्मत हुआ आपका दिल से बहुत बहुत आभार"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय गुरुदेव रवि सर जी सादर अभिवादन आपके उत्साहवर्धन से मन प्रसन्न हुआ आपका दिल से आभार"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी बेहतरीन गज़ल के लिए सादर बधाई"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"गज़ल ज़िंदगी अनमोल है मत सोच मरने के लिएजी सको तो जी सको कुछ कर गुज़रने के लिए कब डिगाती मुश्किलें जो हौसला रखकर चलेतोड़कर चट्टान को बढ़ते निखरने के लिए एक पत्ता शान से नित सर उठाये कह रहाडर कभी तूफ़ान से आये न झरने के लिए नेकदिल हरपल उठाते हर किसी के…"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीय गणवीर साहब बहुत बेहतरीन गजल हुई सादर शुभकामनाएं"
Jun 25
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132
"आदरणीया ऋचा जी क्या सुंदर भाव पिरोया है आपने वाह, शेष गुरुदेव की बातों पर अमल करें"
Jun 25

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a hindi lecturer in karra intercollege Jaunpur Uttar Pradesh

डॉ छोटेलाल सिंह's Blog

परम पावनी गंगा

चन्द्रलोक की सारी सुषमा, आज लुप्त हो जाती है।

लोल लहर की सुरम्य आभा, कचरों में खो जाती है

चाँदी जैसी चंचल लहरें, अब कब पुलकित होती हैं

देख दुर्दशा माँ गंगा की, हरपल आँखे रोती हैं।

बस कागज पर निर्मल होती, मीठी-मीठी बातों से।

कल्पनीय चपला जस शोभित, होती हैं सौगातों से।

व्यथित सदा ही गंगा होती, मानव के संतापों से।

फिर कैसे वह मुक्त करेगी, उसे भयंकर पापों से।

एक समय था गंगा लहरें, उज्ज्वल रूप दिखाती थी।

धवल मनोहर रात चाँदनी, गंगा…

Continue

Posted on June 1, 2020 at 5:45pm — 5 Comments

श्रमजीवी

श्रमिक दिवस पर श्रमजीवी को आओ शीश झुकाएँ।

बलाक्रान्त शोषित निर्बल को मिलकर सभी बचाएँ।

दुरित दैन्य दुख झेल रहे हैं

सदा मौत से खेल रहे हैं।

तृषा तपन पावस तुसार सह

जीवन नौका ठेल रहे हैं।

हर सुख से जो सदा विमुख हो उस पर बलि-बलि जाएँ।

निर्मित जो करता नवयुग तन,उसे नहीं ठुकराएँ।

आजीवन कटु गरल पी रहे

दुर्धर जीवन सभी जी रहे।

हाँफ-हाँफ कर विदीर्ण दामन

जीने के हित सदा सी रहे।

कर्म निरत गुरु गहन श्रमिक…

Continue

Posted on May 1, 2020 at 11:30am — 8 Comments

नव विहान (नवगीत)

नव विहान का गीत मनोहर गाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

मन मराल को कभी मनोहत मत करना ।

हो कण्टक परिविद्ध तनिक भी ना डरना।

गम को भूल सभी से नेह लगाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

वैर भाव की ये खाई पट जाएगी।

वर्गभेद तम की बदली छँट जाएगी।

बनकर मयार मधुत्व रस छलकाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

महदाशा रख मर्ष भाव अंतर्मन में

जानराय बन ओज जगाओ जनजन में।

हो भवितव्य पुनर्नव राह बनाता चल।

जीवन में मुस्काता…

Continue

Posted on January 1, 2020 at 1:00pm — 8 Comments

आक्रोश

प्रतिदिन बढ़ता जा रहा, सामूहिक दुष्कर्म

क्रूर दरिन्दे भेड़िये, क्या जाने सत्कर्म।।1

जाएँ तो जाएँ किधर, चहुँ दिशि लूट खसोट

दानव सदा कुकर्म के, दिल पर करते चोट।।2

आये दिन ही राह में, होता अत्याचार।

छुपे हुए नर भेड़िये, करते रोज़ शिकार।।3

हवसी नर जो कर रहा, सारी सीमा पार।

सरेआम हैवान को, अब दो गोली मार।।4

शैतानों की चाल से, बढ़े रोज व्यभिचार।

रोम-रोम विचलित हुआ, सुनकर चीख पुकार।।5

खूनी पंजे कर रहे,…

Continue

Posted on December 3, 2019 at 7:30am — 4 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:31am on September 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी समय देकर ग़ज़ल तक आने का और हौसला अफ़जाई का बहुत बहुत शुक्रिया
At 1:24pm on August 16, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ छोटे लाल सिंह जी।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' left a comment for बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
"ओ बी ओ प्रबंधन द्वारा लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी को "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active…"
30 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post स्वयं को तनिक एक बच्चा बना-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश करता हूँ। मतले को थोड़ा…"
38 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sushil Sarna's blog post भय
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छी रचना हुई है बधाई स्वीकार करें। रचना का शीर्षक भय के बजाय…"
51 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on AMAN SINHA's blog post बदनाम ज़िन्दगी
"जनाब अमन सिन्हा जी आदाब, सुंदर भावपूर्ण रचना के लिए बधाई स्वीकार करें। इस पंक्ति के शिल्प पर ग़ौर…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"जनाब अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार करें, कुछ अशआर पर अपनी राय…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on AMAN SINHA's blog post बदनाम ज़िन्दगी
"जनाब अमन सिन्हा जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । मंच पर आई रचनाओं पर अपने विचार…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post वक्त के सिरहाने पर ......
"जनाब सुशील सरना जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on AMAN SINHA's blog post कुछ बदला सा
"जनाब अमन सिन्हा जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Rahul Dangi Panchal's blog post ग़ज़ल खुशी तेरे पैरों की चप्पल रही है
"जनाब राहुल डांगी जी आदाब, ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें । 'कहीं कोई तो बात है साथ…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"जनाब अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब, बहुत अच्छी ग़ज़ल कही आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Saurabh Pandey's blog post पाँच दोहे : उच्छृंखल संकोच // -- सौरभ
"जनाब सौरभ पाण्डेय जी आदाब, बहुत उम्द: दोहे रचे आपने, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । चकाचौंध…"
3 hours ago
Samar kabeer commented on AMAN SINHA's blog post दिखने दो
"जनाब अमन सिन्हा जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
3 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service