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Usha Awasthi's Blog – November 2020 Archive (2)

केवल ऐसी चाह

द्वापर युग में कृष्ण ने

पान्डव का दे साथ

हो विरुद्ध कुरुवंश के

रचा एक इतिहास

कलियुग की अब क्या कहें?

जिन्हे मिला अधिकार

धन-बल के अभिमान में

प्रति पल चढ़े ख़ुमार

हक़ जिसका हो,मार लें

जाति धर्म के नाम

आपस में झगड़ा करा

आप बनें सुल्तान

वंशवाद का घुन लगा

आज हमारे देश

करे खोखला राष्ट्र को

धर नेता का वेष

राष्ट्र एकता की उन्हे

तनिक नहीं…

Continue

Added by Usha Awasthi on November 29, 2020 at 9:02am — 2 Comments

रखिहै सबका तुष्ट

जब तब अजिया कहत रहिं

दूध पूत हैं एक

जैस पियावहु दूध तस

बढ़िहै ज्ञान विवेक

गइयन केरी सेवा कयि

करिहौ जौ संतुष्ट

पइहैं पोषण पूर जब

हुइहैं तब वह पुष्ट

अमृत  जैसन दूध बनि

निकसी बहुत पवित्र

रोग दोष का नास करि

रखिहै सबका तुष्ट

मौलिक एवं अप्रकाशित

Added by Usha Awasthi on November 27, 2020 at 7:22pm — 2 Comments

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"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति , स्नेह व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
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"ख्याल बहुत उम्दा हैं गज़ल में। हार्दिक बधाई, भाई लक्ष्मण जी।"
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