For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Abhinav Arun's Blog – March 2012 Archive (3)

कविता : - स्नेह अटल है !

कविता : - स्नेह अटल है !
 …

Continue

Added by Abhinav Arun on March 13, 2012 at 9:58am — 23 Comments

नज़्म - निमिष भर को उथल है !

नज़्म - निमिष भर को उथल है !

 

सफ़र कटने में अंदेशा नहीं है

मगर सोचा हुआ होता नहीं है

कई लोगों को छूकर जी चुका हूँ

नहीं…

Continue

Added by Abhinav Arun on March 12, 2012 at 4:39pm — 14 Comments

ग़ज़ल- गालियों से पेट भर रोटी नहीं तो क्या हुआ

 

ग़ज़ल- गालियों से पेट भर रोटी नहीं तो क्या हुआ

 

ये व्यवस्था न्याय की भूखी नहीं तो क्या हुआ ,

गालियों  से पेट भर रोटी नहीं तो क्या हुआ |

 

पार्कों में रो  रही  हैं गांधियों…

Continue

Added by Abhinav Arun on March 4, 2012 at 10:43am — 18 Comments

Monthly Archives

2014

2013

2012

2011

2010

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Gurpreet Singh jammu posted a blog post

ग़ज़ल - गुरप्रीत सिंह जम्मू

22-22-22-22-22-22-22-2उस लड़की को डेट करूँ ये मेरी पहली ख़्वाहिश है। और ये ख़्वाहिश पूरी हो जाए बस ये…See More
18 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Veena Gupta's blog post मिथ्या जगत
"आ. ऊषा जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सालिक गणवीर's blog post अब तो इंसाफ भी करें साहिब.......ग़ज़ल सालिक गणवीर
"आ. भाई सालिक गणवीर जी, सादर अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा हुआ है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन । सुंदर दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई। "
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल

1222 1222 1222 1222जरा सा मसअला है ये नहीं  तकरार के  क़ाबिलकिनारा हो नहीं सकता कभी मझधार के क़ाबिलन…See More
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"वाह...आपका सुझाव बहुत ही खूबसूरत है आदरणीय नीलेश जी किनारा हो नहीं सकता कभी मझधार के क़ाबिल "
Wednesday
Nilesh Shevgaonkar commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"आ. बृजेश जी  जरा सा मसअला है ये नही तकरार के क़ाबिल... तकरार के क़ाबिल नहीं है तो अच्छा ही…"
Wednesday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"जी बिल्कुल...आप लोगों की तीखी बहस में भी काफी कुछ सीखने को ही मिलता है।"
Wednesday
Nilesh Shevgaonkar commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"आ. बृजेश जी, आप तो आप .. मैं भी अक्सर समर सर के सानिध्य में सीखता हूँ.. कई बार तीखी बहस भी हो…"
Wednesday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"ऐसे कहता हूँ जरा सा मसअला है ये नही तकरार के क़ाबिल चलो माना नहीं हूँ मैं तुम्हारे प्यार के क़ाबिल"
Wednesday
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"उचित है आदरणीय नीलेश जी...ये सच है कि साहित्य में मेरी जानकारी बहुत ही अल्प है...बस कुछ कहना चाहता…"
Wednesday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service