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राजेश कुमारीजी, श्री वीरेन्द्र जी, सौरभ जी, मैं

आज दिनांक-24/सित/2013 को सौरभजी देहरादून में थे.
शाम में सौरभजी तथा राजेश कमारी जी अपने पतिदेव के साथ मेरे घर पर

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Comment by डॉ नूतन डिमरी गैरोला on September 24, 2014 at 5:19am

अबकी बार आदरणीय सौरभ जी राजेश जी की पुस्तक  काव्य कलश के विमोचन पर देहरादून आये पर घर आना न हो पाया .. इसका मलाल है.. पर भविष्य में कभी यह सुअवसर आये कि हम सभी साहित्यिक अभिरुचि के लोग साथ मिल बैठ कर काव्य गोष्ठी करें ,,या परिचर्चा करें ..

Comment by डॉ नूतन डिमरी गैरोला on October 7, 2013 at 10:20am

dhnyvaad saurabh ji... aap ne hamare ghar aa kar anugrahit kiya... 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 25, 2013 at 8:35am

धन्यवाद, भाई अभिनवजी,

देहरादून में कल की शाम मेरे लिए भी अविस्मरणीय शाम रही.

Comment by Abhinav Arun on September 25, 2013 at 6:03am

वाह अत्यंत प्रसन्नता हुई जानकर !! 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 25, 2013 at 12:32am

देहरादून में 24 सित. की साँझ मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता ले कर आयी.

आदरणीया राजेश कुमारी जी के निवास पर हुई काव्य-गोष्ठी के बाद हम सबका आपके निवास पर आना, डॉ. नूतन, सभी के लिए सुखद और अपनत्व भरी याद के तौर पर मन में स्थायी रहेगा.

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