"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |
आदरणीय मित्रों !
"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता अंक-२ की अपार सफलता के लिए आप सभी मित्रों को हृदय से बधाई !
"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता" अंक-3 में आप सभी का हार्दिक स्वागत है ! आज के इस चित्र को देखिये अगर इस में ताजमहल न दिखता तो संभवतः यह विश्वास ही नहीं होता कि गंदगी व कूड़े से पटी हुई यह यमुना नदी ही है, जिसे हमारे देश में पूजा भी जाता है यहाँ तक कि हमारी संस्कृति भी गंगा-जमुनी ही कही जाती है ! आखिर हम भारतवासी अपने प्राकृतिक जल संसाधनों के साथ क्या करना चाहते हैं !
इस चित्र को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि आज "स्लज ट्रीटमेंट" व "वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट", व "सीवेज ट्रीटमेंट" जैसे उपाय हमारी पुस्तकों में ही विश्राम करते हुए नजर आ रहे हैं, इस दिशा में कुछ करना तो दूर अपितु नित्य प्रति अपना कूड़ा-कचरा सहित कितने ही गंदे नाले और सीवर आदि भी इन्हीं नदियों में गिरा देते हैं वह भी बिना शोधित किये हुए, ऐसा भी नहीं कि हम प्रदूषण के दुष्प्रभावों से अनभिज्ञ हैं फिर भी जान बूझकर हम इसे अनदेखा करके इसे बढ़ावा ही दे रहे हैं !
आइये तो उठा लें अपनी-अपनी कलम, और कर डालें इस चित्र का काव्यात्मक चित्रण, क्योंकि हम साहित्यकारों के लिए यह नितांत आवश्यक है कि इस मुद्दे पर कुछ न कुछ सृजन अवश्य करते रहें ताकि इस समाज में इस सम्बन्ध में कुछ जागरूकता आये...
नोट :-
(1) १५ तारीख तक रिप्लाई बॉक्स बंद रहेगा, १६ से २० तारीख तक के लिए Reply Box रचना और टिप्पणी पोस्ट करने हेतु खुला रहेगा |
(2) जो साहित्यकार अपनी रचना को प्रतियोगिता से अलग रहते हुए पोस्ट करना चाहे उनका भी स्वागत है, अपनी रचना को"प्रतियोगिता से अलग" टिप्पणी के साथ पोस्ट करने की कृपा करे |
(3) नियमानुसार "चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता अंक-२ के विजेता इस अंक के निर्णायक होंगे और उनकी रचनायें स्वतः प्रतियोगिता से बाहर रहेगी | एक छोटा सा संसोधन है कि इस अंक से प्रथम, द्वितीय के साथ-साथ तृतीय विजेता का भी चयन किया जायेगा |
सभी प्रतिभागियों से निवेदन है कि रचना छोटी एवं सारगर्भित हो, यानी घाव करे गंभीर वाली बात हो, रचना पद्य की किसी विधा में प्रस्तुत की जा सकती है | हमेशा की तरह यहाँ भी ओ बी ओ के आधार नियम लागू रहेंगे तथा केवल अप्रकाशित एवं मौलिक रचना ही स्वीकार की जायेगी |
विशेष :-
(१) यदि आप ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सदस्य है और किसी कारण वश प्रतियोगिता के दौरान अपनी रचना पोस्ट करने मे असमर्थ है तो आप अपनी रचना एडमिन ओपन बुक्स ऑनलाइन को उनके इ- मेल admin@openbooksonline.com पर १६ जून से पहले भी भेज सकते है, योग्य रचना को आपके नाम से ही प्रतियोगिता प्रारंभ होने पर पोस्ट कर दिया जायेगा, ध्यान रखे यह सुविधा केवल OBO के सदस्यों हेतु ही है |
(२) यदि आप अभी तक www.openbooksonline.com परिवार से नहीं जुड़ सके है तो यहाँ क्लिक कर प्रथम बार sign up कर लें |
संचालक :- अम्बरीश श्रीवास्तव
Lata R.Ojha
एक दिन शुद्ध जल भी ,लेगा अंतिम श्वांस..
मल ही होगा चहुँ ओर , फैलेगी दुगंध .
पाप हरेगा कब कोई.,नदियों को अब आस..
ताज विश्व का आश्चर्य ,और प्रदूषण रोग ,,
किसको व्यथा नहीं ,घड़ियाल से लोग ..
नीर दोनों चक्षु बहे ,हाथ थामते नोट ..
वोटर से पुनरुद्धार के नाम ,पुनः मांगते वोट..
अब तो आस भी सिमट रही ,एक परदे की ओट
सिसकती नदियों की आह भी नहीं ह्रदय पे चोट ..
Jun 20, 2011
Er. Ambarish Srivastava
ओ बी ओ पर चल रहा, अब दोहों का दौर..
घर में जिसको ना मिले, मिले यहाँ अब ठौर ..
सब जन का आभार है, सफल हुआ यह काज.
बागी योगी हैं मगन, संग धरम महराज ..
Jun 20, 2011
Admin
पिछले पांच दिनों से हम सभी साहित्य सरिता में गोते लगाते रहे तथा एक से बढ़कर एक सुंदर-सुंदर रचनाओं की प्रस्तुति होती रही, सबने खुल कर टिप्पणी दिये, बड़ा ही आनंद आया | प्रतियोगिता के चौथे दिन ही "चित्र से काव्य तक" अंक २ प्रतियोगिता का रिकॉर्ड १०२५ Reply का टूट गया, और आज पांचवे दिन तो ओपन बुक्स ऑनलाइन पर आयोजित होने वाले किसी भी आयोजन में बना रिकॉर्ड जो "OBO लाइव महाउत्सव" अंक २ का कुल १५२४ Reply का था वह भी टूट गया | कुल मिलाकर पांच दिनों के अन्दर कुल रचनाओं सहित करीब १६३६ Reply जो OBO का नया कीर्तिमान बन गया है और शायद हिंदी वेब साईट के इतिहास में भी यह एक कीर्तिमान ही है , यह बताने में समर्थ है की कार्यक्रम कितना सफल रहा |मंच संचालक श्री अम्बरीश श्रीवास्तव जी को बहुत बहुत बधाई, और कुशल संचालन हेतु बधाई भी | बृहत् रपट तो प्रधान संपादक जी द्वारा प्रस्तुत की जाएगी !
इस शानदार आयोजन में उपस्थित सभी साहित्य प्रेमियों को धन्यवाद देते हुए "चित्र से काव्य तक" अंक ३ की अत्यंत सफल समाप्ति की घोषणा करता हूँ तथा आगामी "OBO लाइव तरही मुशायरे" और "OBO लाइव महा उत्सव" में आप सभी के चढ़ बढ़ के हिस्सा लेने की कामना करता हूँ |
धन्यवाद सहित आपका अपना
एडमिन
ओपन बुक्स ऑनलाइन
Jun 21, 2011