प्रिय मित्रो:
प्रभु से प्रार्थना है कि आप सभी सकुशल हों।मैं और मेरी जीवन साथी नीरा जी लगभग तीन सप्ताह से यात्रा पर थे, अत: आप सभी से ओ.बी.ओ. पर संपर्क नहीं हो सका। रामाकृष्ण मिशन के ५ आश्रम पर बहुत अच्छा समय बीता। यह एक अद्वितीय अनुभव था,जहाँ भी गए, स्नेह और "और स्नेह" मिला। हँसते-हँसते शांतिदायक समय बीता। Hollywood (California) में एक स्वामी नीरा से कहने लगे "Leave Vijay here as a collateral so you all will be sure to come here again".भगवान का 'लोगों के माध्यम' इतना स्नेह!.. अभी भी सोचता हूँ तो पश्चप्रभाव से भावनाएँ उमड़ आती हैं। The holy company of spiritual people was humbling and empowering at the same time. सुबह, दुपहर और सांय पूजा/प्रार्थना/मनन ... भगवद गीता, मुन्दकोप्निषद, वेदांत, आदि पर व्याख्यान सभी शांतिवर्धक थे। Pasadena (California) में हम उस मकान पर भी गए जहाँ स्वामी विवेकानन्द जी लगभग ११५ वर्ष हुए ६ सप्ताह के लिए ठहरे थे।
कभी-कभार कंप्यूटर मिल भी सकता था, पर मैंने स्वयं पर उसका प्रयोग न करने की पाबंदी डाली, क्योंकि यह मुझको उस माहौल से दूर ले जा सकता था। अब आप सभी के लिए मंगलकामना लिए आपके संग हूँ।
सादर और सस्नेह,
विजय निकोर
Vindu Babu
जी जी महोदय!
आपकी इस यात्रा का और अनुपम,दिव्य व्याख्यानों का लाभ आंशिक हम लोगों को भी प्राप्त हुआ है...आपके लेखों के माध्यम से। आपने वह अद्वितीय अनुभव भी साझा किया था,वो भी बिलकुल अपना सा लगा था।
आदरणीय आपने Spiritual Diary...1 &2 ही प्रस्तुत की है,और आपने बनाई नही थी या...आपको प्रस्तुत करने का समय नहीं मिल पाया?
आपका हृदयतल से बारम्बार पुनः आभार आदरणीय वह साझा करने के लिए।
मैंने आपके आलेख बार-बार पढ़ने के लिए अपनी diary में लिखे हैं('अध्यात्मिक चिन्तन' में जो अपने प्रस्तुत किये हैं)
सादर सादर
Feb 7, 2014
Dr Ashutosh Mishra
आदरणीय सर ..सादर प्रणाम ..हम अपने देश में जिन बातों से सतत दूर होते जा रहे है उसे केलोफोर्निया में जीवंत पाकर , भगबत गीता की बेदांत आदि की म्हणता सुनकर , अपने हिन्दुस्तानी होने पर गर्व मह्सूस कर रहा हूँ ...अब आपकी उपस्थिति से फिर से आपकी बेहतरीन रचनाएँ पढने को मिलेगा यह अत्यंत सुखद है ..सादर
Feb 7, 2014
Deepak Sharma Kuluvi
GOOD
Apr 9, 2014