बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
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बेगुनाही और
इन्साफ की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप अहिल्या बन क्यों नहीं जाती ?



अस्मिता और
सवाल उठाने की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप द्रौपदी बन क्यों नहीं जाती ?


अंधे ताज और
विवेक तर्क की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप गांधारी बन क्यों नहीं जाती ?


कर्तव्य और
मर्यादा सम्बन्ध की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप जानकी वन क्यों नहीं जाती ?


प्रतिशत और
संख्या सवालों की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप आरक्षित बन बन क्यों नहीं जाती ?
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मौलिक व अप्रकाशित"