Activity
Blogs
Discussions
My Page
Groups
Photos
Latest Blogs
Desktop View
Sign In
Open Books Online
बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
by
amita tiwari
Mar 17
बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
******************************
बेगुनाही और
इन्साफ की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप अहिल्या बन क्यों नहीं जाती ?
अस्मिता और
सवाल उठाने की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप द्रौपदी बन क्यों नहीं जाती ?
अंधे ताज और
विवेक तर्क की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप गांधारी बन क्यों नहीं जाती ?
कर्तव्य और
मर्यादा सम्बन्ध की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप जानकी वन क्यों नहीं जाती ?
प्रतिशत और
संख्या सवालों की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप आरक्षित बन बन क्यों नहीं जाती ?
------------------------------------------------------------------------------------------------
मौलिक व अप्रकाशित"
Cancel
बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
by amita tiwari
Mar 17
******************************
बेगुनाही और
इन्साफ की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप अहिल्या बन क्यों नहीं जाती ?
अस्मिता और
सवाल उठाने की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप द्रौपदी बन क्यों नहीं जाती ?
अंधे ताज और
विवेक तर्क की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप गांधारी बन क्यों नहीं जाती ?
कर्तव्य और
मर्यादा सम्बन्ध की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप जानकी वन क्यों नहीं जाती ?
प्रतिशत और
संख्या सवालों की
बात क्यों सोचती हैं ये औरतें
चुपचाप आरक्षित बन बन क्यों नहीं जाती ?
मौलिक व अप्रकाशित"