For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 63653

Reply to This

Replies to This Discussion

सभी मित्रों को बधाई व शुभकामनाएँ

 ओपन बुक्स ऑनलाइन के १२ वें वर्ष में प्रवेश पर संस्थापक, प्रधान सम्पादक सहित ओ बी ओ की टीम तथा समस्त सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई.

समस्त ओबीओ की टीम एवं सदस्यों को बहुत बहुत बधाई। ओबीओ जिंदाबाद।

ओबीओ परिवार के सफलता पूर्वक बारहवें वर्ष में प्रवेश पर अपार हर्ष का अनुभव कर रहा हूँ। परिवार निरंतर आगे बढ़ता रहे । यही कामना है । 

ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को बारहवीं सालगिरह मुबारक हो ।

आप सबसे निवेदन है कि मेरी ताज़ा ग़ज़ल जो अभी मंच पर आई है ज़रूर पढ़ें ।

ओपनबुक्सऑनलाइन के १२ वें वर्ष में प्रवेश पर संस्थापक महोदय, प्रधान सम्पादक महोदय सहित ओबीओ की टीम तथा समस्त सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

नवसंवत्सर, माह-ए-रमज़ानुल मुबारक और चैत्र नवरात्रि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं आप सभी को।

ओपन बुक्स ऑनलाइन के १२ वें वर्ष में प्रवेश पर संस्थापक, प्रधान सम्पादक सहित ओ बी ओ की टीम तथा सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अशेष बधाइयाँ

वाह! ओपन बुक्स ऑनलाइन की बारहवीं वर्षगाँठ पर समस्त मित्रों को अनेकानेक बधाइयाँ, शुभकामनाएँ।

ओपन बुक्स ऑनलाइन की बारहवीं वर्षगाँठ पर टीम प्रबंधन व समस्त मित्रों को अनेकानेक हार्दिक बधाइयाँ व शुभकामनाएँ।

ओपन बुक्स ऑनलाइन के 12 वें वर्ष में प्रवेश पर संस्थापक महोदय, प्रधान संपादक महोदय सहित पूर्ण ओ बी ओ टीम एवं समूह के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई और ढेरों शुभकामनाएं। 

वाह वाह पर वाह वा, वाह वा भई वाह..

ओबीओ फिर जग गया, जहाँ चाह तँह राह

जय हो.. 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Ashok Kumar Raktale's blog post गाड़ी निकल रही है
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी आदाब, मुझे आपकी यह रचना गीत से ज़ियादा हिन्दी की ख़ूबसूरत नज़्म लगी है, बधाई…"
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ‘गुनगुन करता गीत नया है’
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी आदाब, उदाहरणीय गीत की रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें।"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Chetan Prakash's blog post ग़ज़ल : बहुत वो देर लगी आग दिल लगाने में
"बाक़ी टिप्पणियाँ कहाँ गईं भाई?"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Chetan Prakash's blog post ग़ज़ल : बहुत वो देर लगी आग दिल लगाने में
"'उन्होंने खेल  जो  खेला उसे मिटाने में '---ये मिसरा अब बह्र में हो गया है…"
4 hours ago
Chetan Prakash commented on Chetan Prakash's blog post ग़ज़ल : बहुत वो देर लगी आग दिल लगाने में
"अफसोस, मतले के सानी में 'उसे' दो बार टाइप हो गया है, कृपया एक 'उसे' रद्द मान…"
5 hours ago
AMAN SINHA posted a blog post

ज़िंदा हूँ अब तक मरा नहीं

ज़िंदा हूँ अब तक मरा नहीं, चिता पर अब तक चढ़ा नहींसाँसे जब तक मेरी चलती है, तब तक जड़ मैं हुआ नहींजो…See More
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

गाड़ी निकल रही है

गीत*कच्चे रास्तों गडारों से,गाड़ी निकल रही है।*जा रहे हैं किधर कोई,बूझता ही नहीं।फूट रहे हैं सर…See More
6 hours ago
Chetan Prakash posted a blog post

ग़ज़ल : बहुत वो देर लगी आग दिल लगाने में

1212     1122     1212     22 / 122 बहुत  सी देर लगी आग दिल  लगाने  में उन्होंने खेल जो खेला उसे…See More
6 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post पाँच दोहे ......
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब, सृजन आपकी स्नेहिल प्रशंसा का दिल से आभारी है सर ।अवश्य"
7 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post श्राद्ध पक्ष के कुछ दोहे. . . .
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
7 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post श्राद्ध पक्ष के कुछ दोहे. . . .
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब, सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी"
7 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ‘गुनगुन करता गीत नया है’
"वाह अनुपम अभिव्यक्ति आदरणीय अशोक रक्ताले जी । हार्दिक बधाई सर"
7 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service