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Tapan Dubey's Discussions (144)

Discussions Replied To (114) Replies Latest Activity

"जागी जागी रातों का वो प्यार कहाँ रे. waah waah kya kaha he"

Tapan Dubey replied Jul 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"badi achchi rachana k liye badhai sangeeta ji"

Tapan Dubey replied Jul 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"ज़माने से दिलों के खेत मेरे प्यासे थे,मगर उन्हीं की ज़मानत में  दर्द सारे थे।   bahut…"

Tapan Dubey replied Jul 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"उमड़ घुमड़ कर बरखा बरसे, ग्रीष्म तपन पर, ठंडक सरसे, waah waah"

Tapan Dubey replied Jul 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

"waah waah Ganesh Jee,ananad aa gaya pad kar..."

Tapan Dubey replied Jul 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
Reply by Admin

मुख्य प्रबंधक

"tahari mushayara or chitra se kavya me mai kisi k likhe huye par comment thik niche…"

Tapan Dubey replied Jul 6, 2011 to ओपन बुक्स ऑनलाइन संचालन / उपयोग सम्बंधित पूछताछ...

18 Dec 18, 2012
Reply by anupam choubey

प्रधान संपादक

"waah sari rachanaye bahut achchi hai........"

Tapan Dubey replied Jun 1, 2011 to OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक ११ में सम्मिलित सभी ग़ज़लें एक ही जगह

17 Apr 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"अंबरीश जी धन्यवाद आपके इस मार्गदर्शन के लिए आगे भी आपसे ऐसी ही उम्मीद है. वैसे मात्र…"

Tapan Dubey replied Apr 25, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-१० (Now Closed)

267 Apr 25, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"हया की हरी चादर ओढ़, धरती लाज से सिमटी. हुआ जो हाले-दिल संध्या से कह जाना भी होता था…"

Tapan Dubey replied Apr 25, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-१० (Now Closed)

267 Apr 25, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"माननीय आलोक जी, आपकी कलाम मे इतनी ताक़त है जो दुनिया को रास्ता दिखा सकती है...बहुत अ…"

Tapan Dubey replied Apr 25, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-१० (Now Closed)

267 Apr 25, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

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