For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rajeev Bharol's Discussions (16)

Discussions Replied To (13) Replies Latest Activity

"Venus bhai, 'दुआओं' और 'राहों' में छोटी इता का दोष नहीं है "

Rajeev Bharol replied Feb 22, 2012 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-3

53 Feb 22, 2012
Reply by Rajeev Bharol

"तिलक जी,एक नई बात पता चली की وا و لین यानी वो वाओ जो अलफ़ाज़ के बीच में या आखिर में एक…"

Rajeev Bharol replied Jul 31, 2011 to ग़ज़ल संक्षिप्‍त आधार जानकारी-10

37 Oct 29, 2023
Reply by Riju Nag

"तिलक जी बहुत बहुत धन्यवाद.  "

Rajeev Bharol replied Jul 2, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-9

6 Jul 20, 2011
Reply by आवाज शर्मा

"तिलक जी, एक और बात. निम्न सभी का वज़न २ हुआ... मुस्  = २, तफ = २ लुन = २ ऊ = २ ला = २…"

Rajeev Bharol replied May 11, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-8

7 May 14, 2011
Reply by Tilak Raj Kapoor

"तिलक जी, रुक्न जानने की ज़रूरत क्यों है? और गेय स्वरूप के लिए 'ल ला ला ला' भी तो किया…"

Rajeev Bharol replied May 10, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-8

7 May 14, 2011
Reply by Tilak Raj Kapoor

"तिलक जी, अरकान के नामों "फायलुन", "फऊलुन" इत्यादि का क्या महत्त्व है.. यदि बह्र को १…"

Rajeev Bharol replied May 10, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-8

7 May 14, 2011
Reply by Tilak Raj Kapoor

"तिलक जी, धन्यवाद. मैंने ध्यान ही नहीं दिया की 'फिर' और 'मुसाफिर' उर्दू में अगर लिखें…"

Rajeev Bharol replied Apr 15, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-5

36 Apr 22, 2017
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"तिलक जी, इस मतले में काफिया और रदीफ क्या हुआ?   हुई है शाम तो आँखों में बस गया फिर त…"

Rajeev Bharol replied Apr 15, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-5

36 Apr 22, 2017
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"तिलक जी, आने में थोड़ी देर हुई लेकिन देखता हूँ कि काफी अच्छी चर्चा हो चुकी है. काफिय…"

Rajeev Bharol replied Apr 14, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-5

36 Apr 22, 2017
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"तिलक जी, बहुत ही बढ़िया पोस्ट है. बहुत सी बातें समझ आईं. प्रशन लेकर फिर आता हूँ."

Rajeev Bharol replied Mar 30, 2011 to ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-4

33 Apr 27, 2019
Reply by Rachna Bhatia

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक .. इच्छा , कामना, चाह आदि
"अच्छा दोहा- सप्तक लिखा, आ. सुशील सरना जी किन्तु पहले दोहे के तीसरे चरण में, "ओर- ओर " के…"
11 hours ago
Chetan Prakash commented on Mamta gupta's blog post गजल
"उनको छेड़ा इक ज़रा तो हो गया चेहरा गुलाल। खुल गया मुझ पर उभरती रौशनी क्या चीज़ है। वाह्ह्ह खूबसूरत शेर…"
12 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल : मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूम
"बहुत बहुत शुक्रिया इस ज़र्रा नवाज़ी का आ चेतन जी"
15 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक .. इच्छा , कामना, चाह आदि
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय ।"
yesterday
Chetan Prakash commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल : मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूम
"जनाब, आज़ी आदाब, अच्छी ग़ज़़ल हुई, मुबारक हो !"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक .. इच्छा , कामना, चाह आदि
" आदरणीय सुशील सरना साहब, मानव मन की चाह पर सुन्दर दोहावली रची है आपने. हार्दिक बधाई…"
yesterday
Euphonic Amit commented on Mamta gupta's blog post गजल
"अच्छी ग़ज़ल कही आपने बधाई "
Monday
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल : मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूम

१२१२ ११२२ १२१२ २२मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूमहमारे दर्द-ए-जिगर का भी किसको क्या…See More
Monday
Mamta gupta posted a blog post

गजल

बह्र-2122 2122 2122 212काफ़िया- गुमरही "ई" स्वररदीफ़-"क्या चीज़ है"ग़ज़ल-समझा राहे-दिल से हट कर गुमरही…See More
Monday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212   112/22*ज़ीस्त  का   जो  सफ़र   ठहर   जाएआरज़ू      आरज़ू      बिख़र     जाए बेक़रारी…See More
Monday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी में (ग़ज़ल)

1222 1222 122-------------------------------जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी मेंवो फ़्यूचर खोजता है लॉटरी…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन।गीत पर पुनः उपस्थिति और विस्तृत सुझावपूर्ण टिप्पणी के लिए हार्दिक…"
Monday

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service