For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार (243)

Discussions Replies Latest Activity

गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर – एक सरव, विच्छिन्न चिंतन: डॉ. शरदिंदु मुकर्जी

(इस आलेख पर ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की गोष्ठी जुलाई 2020 में परिचर्चा हुयी) “जॉनोमॉनो मुग्धोकॉरो उच्चो ओभिलाष.  तोमार बोंधुर पॉथ ऑनोन्तो ऑपार ओ…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Aug 2, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह जून 2020:: एक प्रतिवेदन   ::    संकलनकर्ता - डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 दिनांक21.06.2020, रविवार को ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह जून   2020 का ऑन लाइन आयोजन हुआ I इसके प्रथम चरण में गज़लकार श्री भ…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jul 21, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह जून 2020–एक प्रतिवेदन  :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी 21 जून 2020 (रविवार) को हुई I सभी उत्साही सुधीजनों ने इसे एक अविस्मरणीय ’धज’ देकर गौरवान्वित…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jul 14, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह मई 2020–एक प्रतिवेदन ::  डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी 24 मई 2020 (रविवार) को हुई I कवियों का उत्साह अनुभवगम्य रहा I अध्यक्ष आये भी नहीं  थे कि उत्साही प्…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

1 Jul 4, 2020
Reply by Alok Rawat

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह मई 2020        ::          संकलनकर्ता - डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

दिनांक17.05.2020, रविवार को ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह मई  2020 का ऑन लाइन आयोजन हुआ I इसके प्रथम चरण में हास्य और व्यंग्य…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 May 23, 2020

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य-संध्या माह अप्रैल 2020 –एक प्रतिवेदन                 डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सशक्त कोरोना (NOVEL CORONA) विषाणु ने पृथ्वी पर संपूर्ण मानव जीवन को संकट में डाल दिया है I वह न केवल मानव की शंका का मूलभूत कारण बना है अप…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 May 12, 2020

ओबीओ, लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह मार्च 2020 :: एक प्रतिवेदन डॉ.गोपाल नारायन श्रीवास्तव

कोविड-19 की दस्तक माह फरवरी 2020 में ही सुनाई देने लगी थी I पर हमारा देश होली के उल्लास के बाद ही इस दिशा में सक्रिय हो पाया I इस बार मासिक…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Apr 22, 2020

ओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य संध्या माह फरवरी 2020– एक प्रतिवेदन      -डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव

 ”मुझे वह लड़की कुछ असामान्य सी दिखी I मेरे सामने ही अकेली गुमसुम बैठी थी I मैं कुछ पूछना चाहती थी कि अचानक उसने उदास आँखों से मुझे देखते ह…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Mar 18, 2020

ओबीओ,लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या वर्ष माह जनवरी 2020-एक प्रतिवेदन डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 ओबीओ, लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या वर्ष माह जनवरी 2020 गणतंत्र  दिवस को D-1225, इंदिरा नगर, लखनऊ में कवयित्री सुश्री  संध्या सिंह के आयो…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Feb 9, 2020

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह दिसम्बर 2019 – एक प्रतिवेदन डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

दिनांक 22 दिसम्बर 2019 ( रविवार) को ओबीओ लखनऊ चैप्टर के जुझारू साहित्यकार मासिक साहित्य संध्या में नीरांजन हेतु 37, रोहतास एन्क्लेव, फैजाबा…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jan 8, 2020

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
58 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भोर सुख की निर्धनों ने पर कहीं देखी नहीं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर'
"आ. भाई गुमनाम जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on gumnaam pithoragarhi's blog post गजल
"//सुनहरे की मात्रा गणना 212 ही होगी ॥ शायद ॥ 122 नहीं  । // सु+नह+रा = 1 2 2 .. यगणात्मक शब्द…"
12 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भोर सुख की निर्धनों ने पर कहीं देखी नहीं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर'
"वाह अच्छा है मुसाफिर साहब ॥ वाह "
13 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on gumnaam pithoragarhi's blog post गजल
"धन्यवाद दोस्तो ..   आपके सलाह सुझाव का स्वागत है । सुनहरे की मात्रा गणना 212 ही होगी ॥…"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on gumnaam pithoragarhi's blog post गजल
"आ. भाई गुमनाम जी , सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। हार्दिक वधाई। हिन्दी में "वहम" बोले…"
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कालिख दिलों के साथ में ठूँसी दिमाग में - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"//कालिख दिलों के साथ में ठूँसी दिमाग में// यूँ पढ़े कालिख दिलों के साथ ही ठूँसी दिमाग में"
15 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा मुक्तक .....

दोहा  मुक्तक ........कड़- कड़ कड़के दामिनी, घन बरसे घनघोर ।    उत्पातों  के  दौर  में, साँस का …See More
23 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on gumnaam pithoragarhi's blog post गजल
"जनाब गुमनाम पिथौरागढ़ी जी आदाब, एक ग़ैर मानूस (अप्रचलित) बह्र पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (जबसे तुमने मिलना-जुलना छोड़ दिया)
"जनाब गुमनाम पिथौरागढ़ी जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

भोर सुख की निर्धनों ने पर कहीं देखी नहीं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर'

२१२२/२१२२/२१२२/२१२*जब कोई दीवानगी  ही  आप ने पाली नहींजान लो ये जिन्दगी भी जिन्दगी सोची नहीं।।*पात…See More
yesterday
gumnaam pithoragarhi posted a blog post

गजल

212  212  212  22 इक वहम सी लगे वो भरी सी जेब साथ रहती मेरे अब फटी सी जेब ख्वाब देखे सदा सुनहरे दिन…See More
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service