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साहित्य-संध्या ओबीओ लखनऊ-चैप्टर माह नवंबर 2020–एक प्रतिवेदन  :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 बीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक काव्य-गोष्ठी 22 नवम्बर 2020 दिन रविवार को सायं 3 बजे प्रारंभ हुई I इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सुख्यात कवयि…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jan 2, 2021

साहित्य-संध्या ओबीओ लखनऊ-चैप्टर माह अक्तूबर 2020–एक प्रतिवेदन        ::    डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक काव्य-गोष्ठी 18 अक्टूबर 2020 (रविवार) को सायं 3 बजे प्रारंभ हुई I इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अंजना मुख…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Dec 12, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्यिक-परिचर्चा माह अक्टूबर 2020- एकप्रतिवेदन      :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

  ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक ‘साहित्य संध्या’ 18 अक्टूबर 2020 (रविवार) को सायं 3 बजे प्रारंभ हुई I  इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अं…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 18, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह सितंबर 2020 : एक प्रतिवेदन - नमिता सुंदर

 ओबीओ लखनऊ चैप्टर की ऑनलाइन मासिक साहित्य-संध्या, 20 सितंबर 2020 को अपराह्न 3 बजे प्रारंभ हुई । इस माह की संगोष्ठी के अध्यक्ष का पद-भार आदर…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Oct 27, 2020

सदस्य टीम प्रबंधन

ओबीओ परिवार के युवा साहित्यकार अरुन अनन्त की दैहिक विदाई

  पहले सींचा नेह से, बाद सौंप दी पीर । निकली मेरी प्रेम में, दगाबाज तकदीर ।। अरुन अनन्त  मोह का हर एक, धागा तोड़कर, दो मुझे अनुमति, विदाई…

Started by Saurabh Pandey

18 Oct 21, 2020
Reply by Sushil Sarna

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह सितंबर 2020 :: एक प्रतिवेदन     :: सुश्री नमिता सुंदर

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक ‘साहित्य संध्या’  20 सितंबर 2020 (रविवार) को सायं 3 बजे प्रारंभ हुई I  इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हास्य के…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Oct 16, 2020

सशोधित ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह अगस्त 2020 :: एक प्रतिवेदन :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

  ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक ‘साहित्य संध्या’ 23 अगस्त 2020 (रविवार) को सायं 3 बजे प्रारंभ हुई i इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ, शरदिंद…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Sep 18, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह अगस्त  2020–एक प्रतिवेदन       :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

  ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी 23 अगस्त 2020 (रविवार) को सायं 3 बजे प्रारंभ हुई i इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शरदिंदु म…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Sep 14, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह जुलाई 2020–एक प्रतिवेदन      ::  डॉ. गोपाल नारा

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी 26 जुलाई 2020 (रविवार) को दिन में 2 बजे प्रारंभ हुई i इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री कुंती…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Aug 24, 2020

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह जुलाई 2020:: एक प्रतिवेदन     ::   डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह जुलाई  2020 (दिनांक 26 जुलाई 2020, रविवार) का ऑन लाइन आयोजन हुआ I इसके प्रथम चरण में डॉ, शरदिंदु…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Aug 10, 2020

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Usha Awasthi posted a blog post

सब एक

सब एक उषा अवस्थी सत्य में स्थित कौन किसे हाराएगा? कौन किससे हारेगा? जो तुम, वह हम सब एक ज्ञानी वही…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"शंका निवारण करने के लिए धन्यवाद आदरणीय धामी भाई जी।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, निम्न पंक्तियों को गूगल करें शंका समाधान हो जायेगा।//अपने सीपी-से अन्तर में…"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (जबसे तुमने मिलना-जुलना छोड़ दिया)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (जबसे तुमने मिलना-जुलना छोड़ दिया)
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। अच्छी समसामयिक गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
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"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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"आ. भाई इन्द्रविद्यावाचस्पति जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
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indravidyavachaspatitiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कभी तो पढ़ेगा वो संसार घर हैं - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"जमाने को अच्छा अगर कर न पाये, ग़ज़ल के लिए धन्यवाद।करता कहना।काश सभी ऐसा सोचते?"
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किराए का मकान

दीवारें हैं छत हैंसंगमरमर का फर्श भीफिर भी ये मकान अपना घर नहीं लगताचुकाता हूँमैं इसका दाम, हर…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post एक अनबुझ प्यास लेकर जी रहे हैं -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post केवल बहाना खोज के जलती हैं बस्तियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व सुझाव के लिए आभार। "
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