For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Prabhakar Pandey
  • Male
  • Mumbai
  • India
Share

Prabhakar Pandey's Friends

  • Santosh Kumar
  • Manoj Bhawuk
  • Noorain Ansari
  • Jogendra Singh जोगेन्द्र सिंह
  • Deepak Sharma Kuluvi
  • Rajendra Singh kunwar 'Fariyadhi
  • आशीष यादव
  • Neet Giri
  • Shyamal Suman
  • sanjiv verma 'salil'
  • guddo dadi
  • Bijnesh Kumar Singh
  • Satyendra Kumar Upadhyay
  • asha pandey ojha
  • satish mapatpuri

Prabhakar Pandey's Discussions

हे प्रभु ! मृत्यु आपके हाथ में है परंतु मरे तो मरे कौन और कब मरे?
4 Replies

प्रस्तुत कविताएँ ' पारसनाथ ' द्वारा रचित हैं . इन कविताओं कोमेरे दादाजी अक्सर सुनाया करते हैं. आपको भी पसंद आयेंगी .1.प्रस्तुत कविता में एक किसान ईश्वर को अपनी व्यस्तताबताते हुए अर्ज करता है कि आप ही…Continue

Started this discussion. Last reply by आशीष यादव Jul 18, 2010.

ब्राह्मण
12 Replies

सादर नमस्कार।प्रस्तुत है हमारी एक कविता जो मैंने आज से 14 साल पहले लिखी थी।मैं हिन्दू हूँ, जी हाँ एक हिन्दू,कुछ गलत रुढ़ियों एवं प्रथाओं का एक बिन्दू,हाँ मैं एक हिन्दू.ना-ना-ना,हिन्दू तक तो ठीक था,पर…Continue

Started this discussion. Last reply by Manoj Kumar Jha Aug 2, 2010.

 

Prabhakar Pandey's Page

Profile Information

City State
PUNE, MUMBAI, महाराष्ट्र
Native Place
देवरिया, यूपी
Profession
SERVICE
About me
एक हिंदुस्तानी

Prabhakar Pandey's Photos

  • Add Photos
  • View All

Prabhakar Pandey's Blog

विराम-चिह्न की आत्मकथा

 

विराम-चिह्न की आत्मकहानी, सुनें उसी की जुबानी ।

 

मैं विराम-चिह्न हूँ। कुछ विद्वान मुझे विराम चिन्ह या विराम भी बोलते हैं लेकिन मुझे कोई आपत्ति नहीं है। हाँ, एक बात मैं…

Continue

Posted on November 24, 2011 at 3:30pm — 3 Comments

गोटी चम किसकी यानि दसों उँगलियाँ घी मे किसकी

सादर नमस्कार,



ये लेख मैंने मुंबई आतंकी हमले के तुरंत बाद लिखी थी। चाहता हूँ कि इ लेख के माध्यम से अपने विचार आप लोगों के साथ भी बाँटूँ। आप भी अपने विचारों से हमें अवगत कराने की कृपा करें। सादर धन्यवाद।।



बाबूजी मुंबई से आए हैं और बहुत उदास हैं। कह रहे हैं कि छोटा-मोटा काम अपने गाँव-जवार में ही मिल जाएगा तो करूँगा पर अब मुंबई नहीं जाऊँगा। अब वहाँ के जीवन का कोई भरोसा नहीं है, कब क्या हो जाएगा कोई नहीं जानता। अब तो पूरे भारत में आतंकवाद ने अपना पैर पसार लिया है। इन सब… Continue

Posted on July 20, 2010 at 11:08am — 3 Comments

हक ???

मुझे भी हक है

कुछ भी करूँ.

दूँ सबको दुख-दर्द

या करुँ किसी का कत्ल.

सबको मारूँ,

लाशों की ढेर पर नाचूँ,

देखकर मेरा मृत्युताण्डव,

काँप जाएँ,भाग जाएँ,

मौत का खेल खेलनेवाले दानव.

मुझे भी हक है

दूँ सबको गाली,

हो जाएँ

अपशब्द की पुस्तकें खाली.

ना देखूँ मैं,

माँ,बहन,भाई,

लगूँ मैं कसाई.

देखकर मेरा ऐसा रंग,

मर जाए मानवता,भाईचारा

और प्रेम का तन.

जब मैं ऐसा हो जाऊँगा,

थर्रा जाएँगे,

अपशब्द बोलने…
Continue

Posted on July 12, 2010 at 2:18pm — 4 Comments

नौ की महत्ता - इति सिद्धम्

महानुभावों "नौ" की महत्ता तो जगजाहिर है ।

यह सबसे बड़ा अंक है । (० से ९)

नौ का गुणनफल करने पर भी प्राप्त संख्या के

अंकों का योग नौ ही होता है । जैसे- अठारह (१+८=९),

सत्ताईस (२+७=९),छत्तीस (३+६=९),पैंतालिस (४+५=९),

चौवन (५+४=९),तिरसठ (६+३=९),बहत्तर (७+२=९),

एकासी (८+१=९),नब्बे (९+०=९) ..........जहाँ तक जाएँगे...वहाँ तक...(९०+९=९९= ९+९=१८= ९)..........अनंत......



नौ की महत्ता को प्रतिपादित करती हैं ये मेरी पंक्तियाँ -



राम के नाम को…
Continue

Posted on July 10, 2010 at 5:26pm — 2 Comments

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:11pm on January 1, 2011, Rash Bihari Ravi said…
janamdin mubarak ho
At 9:25am on January 1, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 1:07pm on June 9, 2010, Rash Bihari Ravi said…
sawagat hain aapki
At 12:58pm on June 9, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 11:48am on June 9, 2010, Ratnesh Raman Pathak said…

At 10:21am on June 9, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:18am on June 9, 2010, Admin said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari commented on amita tiwari's blog post करोना -योद्धाओं के नाम
"आदरणीय  समीर साहब तथा बृजेश जी  रचना के स्वागत के लिए  आभारी…"
6 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post मार ही दें न फिर ये लोग मुझे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदरणीय  बृजेश कुमार 'ब्रज' जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई के…"
13 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post मार ही दें न फिर ये लोग मुझे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई…"
13 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post मार ही दें न फिर ये लोग मुझे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदरणीय समर कबीर साहिब आदाब ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई के लिये तह-ए -दिल से आपका शुक्रिया अदा…"
13 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on सालिक गणवीर's blog post मार ही दें न फिर ये लोग मुझे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"बढ़िया ग़ज़ल कही आदरणीय सालिग जी..."
19 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल भावपूर्ण है मित्र...आदरणीय समर जी ने सार्थक समीक्षा की है।"
19 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on amita tiwari's blog post करोना -योद्धाओं के नाम
"अच्छी कविता लिखी है आदरणीया..."
19 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मुफलिसी में ही जिसका गुजारा हुआ - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"अच्छी ग़ज़ल कही आदरणीय धामी जी"
19 hours ago
Veena Gupta posted a blog post

रफ़्तारे ज़िन्दगी

बड़ी तेज़ रफ़्तार है ज़िन्दगी की,मुट्ठी से फिसलती चली जा रही है उम्र की इस दहलीज़ पर जैसे,ठिठक सी…See More
21 hours ago
PHOOL SINGH posted blog posts
21 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल
"जनाब नाहक़ साहब आपका बहुत बहुत शुक्रिय:"
yesterday
dandpani nahak commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल
"परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम बेहतरीन ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें ! सभी शैर एक से बढ़कर…"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service