For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

चक्र पर चल (छंदमुक्त काव्य)

विकसित से
हर पल जल
विकासशील
बेबस बेकल
होड़ प्रतिपल
छलके छल
भ्रष्टाचार-बल!
धरती घायल
सूखते स्रोत
उद्योग-दलदल!
उथल-पुथल
बिकता जल
दर-दर सबल
थकता निर्बल
धन से दंगल
नारे प्रबल
हर घर जल
सुनकर ढल
नेत्र सजल!
बड़ी मुश्किल
आग प्रबल
दूर दमकल
सीढ़ी दुर्बल
ज़िंदा ही जल!
जल में ही बल
जल है, तो कल
कर किलकिल
या फ़िर सँभल!
धाराओं का जल
बिन कलकल
नदियाँ बेकल
प्रदूषण-प्रतिफल!
प्रकृति ही संबल
बन कर निश्छल
चक्र पर चल
कर्मठ अटल
मानवता-बल!


(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 80

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on July 13, 2019 at 9:20pm

आदाब। रचना पर समय देकर मुझे प्रोत्साहित करने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब समर कबीर साहिब।

Comment by Samar kabeer on July 10, 2019 at 8:26pm

जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,अच्छी कविता हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव left a comment for Pratibha Pandey
"आई० आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है  i आपकी लेखनी उर्वर बनी रहे i सादर i "
9 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव and Pratibha Pandey are now friends
10 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? (५७)

एक गीत प्रीत का --------------------क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? पलकों के…See More
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर प्रणाम।  ट्रेन में हूँ.. तमिलनाडु एक्सप्रेस में। नई दिल्ली से भोपाल तक। नेट आ-जा रहा है।…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। जी। निरंतरता व आप सभी का सान्निध्य व मार्गदर्शन आवश्यक है। अंतिम दो पंक्तियाँ महज तुकबंदी रह…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"ओबीओ 'चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव का समापन हुआ शुभ, शुभातिशुभ"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ रात्रि।"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहों पर अभ्यास हो, लेकर सुन्दर भाव । बार-बार रचते रहें, और बढेगा चाव ।। आदरणीय भाई शैख़…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय हो.. "
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। मेरी सहभागिता/अभ्यास रचना पर अपना त्वरित अमूल्य समय देकर.सुंदर प्रोत्साहक प्रतिक्रिया व…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर,  गुरुवर यदि संतुष्ट हों तब यह मेरे लिए किसी उपहार से कम नहीं है. प्रस्तुत…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"रचना सम्यक हो गयी, बना रहे अभ्यास  छंद सहज है जानिए, यह भी आये रास ..  बधाई, आदरणीय शेख…"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service