For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हिमगिरी की आँखे नम हैं(कविता)

हिमगिरि की ऑंखें नम हैं|

पुनः कुठाराघात सह रहीं,
माँ भारती कुछ वर्षों से ।
पीड़ादायी दंश दे रहे ,
नवल विषधर कुछ अरसे से।
फण पर फणधर के नर्तन को,
हलधर के भाई कम हैं।
हिमगिरि की ऑंखें नम हैं|

संस्कृतियों की प्राचीन धरा पर,
देख राजनीति का अंधपतन।
सोच दुर्दशा आम जन-जन की ,
ब्याकुल-ब्यथित-द्रवित है मन।
मोहित अर्जुन को समझाने को ,
गीता की वाणी कम है।
हिमगिरि की ऑंखें नम है।

सूर्य भारत भू के जो हैं,
अस्ताचल को अग्रसर हैं,
गहन तम के नए प्रवर्तक ,
निष्कंटक प्रभावान प्रखर हैं।
दमन शोषण के दो पाटों में
पिसती जनता की चीख़ें कम हैं?
हिमगिरी की ऑंखें नम हैं।

मौलिक और अप्रकाशित

Views: 104

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mohit mishra (mukt) on June 26, 2018 at 8:06am

आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी , रचनावलोकन और सराहना के लिए शुक्रिया

Comment by Mohit mishra (mukt) on June 26, 2018 at 8:05am

आदरणीया नीलम जी सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Comment by Mohit mishra (mukt) on June 26, 2018 at 8:04am

आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी उत्साहवर्धन का तहे दिल से शुक्रिया

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on June 22, 2018 at 11:01am

आदरणीय मोहित जी बहुत ही सुन्दर सरस कविता हुई है...बधाई

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on June 21, 2018 at 8:13pm

बहुत खूब...

Comment by Neelam Upadhyaya on June 20, 2018 at 3:12pm

आदरणीय मोहित मिश्रा जी नमस्कार।  अच्छी रचना की प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें।  माननीय समर कबीर साहब की अभ्युक्तियों का संज्ञान लें। 

Comment by Mohit mishra (mukt) on June 20, 2018 at 8:37am

आदरणीय समर सर उत्साहवर्धन और मार्गदर्शन का बहुत बहुत आभार

Comment by Mohit mishra (mukt) on June 20, 2018 at 8:36am

आदरणीय गुमनाम जी सराहना के लिए अत्यंत शुक्रिया

Comment by Samar kabeer on June 19, 2018 at 8:22pm

जनाब मोहित मिश्रा मुक्त जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

जहाँ जहाँ 'आँखे नम है' लिखा है वहाँ "आँखें नम हैं" कर लें ।

पांचवीं पंक्ति में 'अरसों' शब्द को "अरसे" करना उचित होगा ।

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 18, 2018 at 8:39pm

वाह बहुत खूब......

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्ति छंद.   खिली धूप है और ये हाल है | चढ़ा मातु के शीश इक लाल है || दिखे एक मजबूर क्या-क्या…"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Samar kabeer's blog post "हिन्दी दिवस पर विशेष" हिन्दी ग़ज़ल
"//ग़ज़ल में आपकी ये टिप्पणी भी मुझे मुख़ातिब करती नहीं बल्कि मंच को मुख़ातिब करती हुई प्रतीत हुई…"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत खूब, आदरणीय अशोक भाई जी.  वस्तुतः, वर्णिक छंदों और मात्रिक छंदों के बीच भाषा की वाचिक…"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"ध्यान आकृष्ट कराने और इस्लाह हेतु हार्दिक आभार आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले साहिब।"
3 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"इसे कहते हैं सम्पर्क का उत्साह और मनन-मंथन. इस प्रयास पर हार्दिक शुभकामनाएँ, आदरणीय शेख शहज़ाद…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय शेख शजज़ाद उस्मानी भाई, वस्तुतः मैं शुक्रवार की शाम अपने घर वापस आया ही था सुबह पौने तीन बजे…"
4 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"जी,शुक्रिया ।"
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर निवेदन है कि अंतिम पद के अंतिम चरण में यह संशोधन स्वीकृत कर तदनुसार पढ़िएगा : /पीढ़ियां दे देश…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह वाह ! .. उत्तम पद्यांश हुआ है. बहुत खूब ! "
4 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,प्रदत्त चित्र पर हरिगीतिका छन्द पर आपने अच्छा प्रयास किया,इस…"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय समर साहब, अभी-अभी आपसे कई बिन्दुओं पर अपनी लम्बी बातचीत हुई. तुकान्तता भी उनमें से एक है.…"
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 89 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत हार्दिक धन्यवाद आदरणीय संचालक महोदय जी।"
4 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service