For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अपनी अपनी समझ (लघु कथा)

गुरु द्रोणाचार्य ने दुर्योधन एवं युधिष्ठिर को एक-एक अच्छे और बुरे व्यक्ति को ढूँढ़ कर लाने को कहा।शाम को दोनों खाली हाथ वापस आ गए।
-क्यूँ, क्या हुआ?खाली हाथ क्यूँ आया',गुरूजी ने दुर्योधन से पूछा।
-गुरुदेव! मैंने बहुत कोशिश की,पर कोई भी ऐसा न मिला जिसमें एक भी बुराई न हो।
-युधिष्ठिर ,तुम क्यूँ खाली हाथ आ गए?'
-आचार्य! मुझे कोई ऐसा न मिला जिसमें एक भी अच्छाई न हो।'
आचार्य मुस्कुराये।
-"युधिष्ठिर समझ गए,पर दुर्योधन आज भी नासमझ बना बैठा है;चाहे लेखन में हो,पत्रकारिता में, .....या राजनीति में",रघु की बात पर शम्भू ने हामी भरी।

.
"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 67

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manan Kumar singh on January 28, 2018 at 3:39pm

आदरणीय विजय जी,आपका शुक्रिया।

Comment by Manan Kumar singh on January 28, 2018 at 3:38pm

आदरणीय सुरिंदर जी,आपका शुक्रिया।

Comment by vijay nikore on January 28, 2018 at 2:38pm

लघु कथा में अच्छा संदेश है, गहराई है ... हार्दिक बधाई मनन जी।

Comment by vijay nikore on January 25, 2018 at 1:16pm

इस अच्छी लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई, मनन कुमार जी

Comment by surender insan on January 24, 2018 at 1:55pm

एक अच्छी सीख देती रचना के लिए बहुत बहुत बधाई हो जी।

Comment by Manan Kumar singh on January 24, 2018 at 8:12am

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय आरिफ भाई।

Comment by Mohammed Arif on January 24, 2018 at 7:50am

आदरणीय मनन कुमार जी आदाब,

                       महाभारत कालीन पात्रों को आधार बनाकर बहुत ही गहरी बात कही आपने । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Manan Kumar singh on January 24, 2018 at 7:12am

बहुत बहुत आभार आदरणीय विजय शंकर जी।

Comment by Dr. Vijai Shanker on January 23, 2018 at 10:43pm

बात गहरी और सही है।हम किसी व्यक्ति में भी वही खोजते हैंजो हम खोजना चाहते हैं।
बधाई , इस प्रस्तुति पर , आदरणीय मनन कुमार सिंह जी , सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"जनाब तस्दीक़ साहब, सुख़न नवाज़ी का बहुत बहुत शुक्रिया। सादर।"
1 hour ago
Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"आदरणीय समर सर, ग़ज़ल में आपकी शिरक़त और हौसला अफ़जाई का बहुत बहुत शुक्रिया। आपकी समझाइश और सुझाव…"
1 hour ago
Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"बहुत बहुत धन्यवाद, आ० राम अवध जी। सादर।"
1 hour ago
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"जनाब तस्दीक़ साहब, बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है। दाद के साथ मुबारक़बाद पेश करता हूँ। सादर।"
1 hour ago
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"जनाब आशीष जी, बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने। मुबारक़बाद क़ुबूल फ़रमाएं। सादर।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय  गंगाधर शर्मा ' हिंदुस्तान' जी।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"बहुत-बहुत शुक्रिया प्रोत्साहित करने के लिए मुहतरम जनाब बलराम धाकड़ साहिब।"
1 hour ago
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"आ० सुरेन्द्र जी, बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है। बधाई। सादर।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' साहिब।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब।"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92
"जी बिल्कुल। बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया राजेश कुमारी जी।"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service