For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

All Blog Posts (16,770)

महुआ की बेटी कमल कर के छोर दी ,

महुआ की बेटी कमल कर के छोर दी ,

ये पगल सब को निहाल कर के छोर दी ,

असली समाजबाद येही तो लाती हैं ,

एक ही थाली में सब को खिलाती है ,

खिरकी से झाक कर पैमाल कर के छोर दी,

महुआ की बेटी कमल कर के छोर दी ,



बाबा जी बनिया या राजपूत चमार के ,

चवर में ले जाती कनखी से मार के ,

बाप जी बेटा जी हाकिम चपरासी जी ,

इसके सेवकाई में लग गए सन्यासी जी ,

पूरा बिहार के बंगाल कर के छोर दी ,

महुआ की बेटी कमल कर के छोर दी ,



देखिये धनान्त्री की कलसा… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on April 7, 2010 at 2:44pm — 2 Comments

सनेहिया लगावल बहुत बात नइखे................

ee gaana hum 2 saal pahile sunle rahni aur abhi singer ke naam humra yaad naikhe....hamar ego aadat ha ki jaun gaana humra thik lag jala wo ek baar sunla me hi humra hamesha khatir yaad ho jala aure vishesh parishthiti me yaad aawt rahela....jaise aaj ee gaana yaad aail aur hum ehja post kar rahal bani......

jab bhi singer ke naam yaad aayi hum likh deb......tab tak raua log ee padhi aur kuch aapan bahumulya samay nikal kar kuch comments kar deb sabhe......

abhi hum e naikhi batawat… Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 6, 2010 at 11:47pm — 5 Comments

आईये अब बढ़ाये अपनी अध्ययन छमता ,कुछ उपायों से ...........



अध्ययन कक्ष को पूजा कक्ष से सटा कर और दरवाजे की स्थिति उत्तर-पूर्व या पश्चिम में रखें। किन्तु दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में न रखें इससे भ्रम उत्पन्न होते हैं।

- चौकोर टेबल का प्रयोग करें जो चारों पावों में समानता रखती हो।

- टेबल को दक्षिण-पश्चिम या दरवाजे के सामने न लगाएँ। इससे बुद्धि का पतन होता है।



- टेबल को दरवाजे या दीवार से न सटाएँ। जिससे विषय याद रहेगा, रूचि बढ़ेगी।

- लाइट के नीचे या उसकी छाया… Continue

Added by Ratnesh Raman Pathak on April 6, 2010 at 10:42pm — 3 Comments

"हम बानी कुँवारी"

हम बानी कुँवारी

माँ-बाप के सर पर

एक बोझ बानी भारी

दुल्हा खरीद ना पईनी

हम बानी ऊ अभागन नारी



हम बानी कुँवारी

प्रदर्शनी खातिर लागल

हई कौनो चीज प्यारी

आवेलन लइका वाला

देखे खातिर हमके

पर ऊ त देखेलन,

हमार घर, हमारा बाप के हैसियत

कहेलन ऊ लोग,

दो चार रोज में बताएम

पर हमके पता बा

ऊ लोग नइखे आवे वाला

काहे कि, लइका वाला देखले बा

हमरा दुआरी पर

नाही खडा बा कार

हमरा ड्राईंग रूम मे

सोफा नईखे ,… Continue

Added by Raju on April 6, 2010 at 9:07pm — 6 Comments

जिसे सच्चा प्यार मिल गया समझो उसका जीना सफल हो गया...........

इंसान एक बार जीता है, एक बार मरता है और एक बार ही प्यार करता है...

जिंदगी में इंसान को कई बार प्यार हो सकता है। यह बात दूसरी है कि पहला प्यार कोई भुला नहीं पाता। लेकिन सच्चा प्यार बड़ी ही मुश्किल से किसी को नसीब होता है...आज की हाईटेक लाइफस्टाइल में प्यार की परिभाषा बदल गई है...प्यार भी हाईटेक हो गया है...लोग प्यार कई चीजें देखकर करने लगे हैं...मसलन जेब...सैलरी...लाइफस्टाइल...और इन सबसे बढ़कर ये मायने रखता है कि आप सामनेवाले से ज्यादा हाईप्रोफाइल… Continue

Added by Ratnesh Raman Pathak on April 6, 2010 at 7:30pm — 5 Comments

रफ़ी का इक सदाबहार नगमा..............

फिल्म-- हँसते जख्म

गाना-- हां ये माना मेरी जान मोहब्बत सजा है

गायक-- मोहम्मद रफ़ी



तौबा तौबा ये जवानी ये जवानी का गुरूर

इश्क के सामने सर फिर भी झुकाना ही परा

कैसा कहते थे ना आयेंगे ना आयेंगे

मगर दिल ने इस तरह पुकारा तुम्हे आना ही परा



ये माना मेरी जान मुहब्बत सजा है

मजा इसमें इतना मगर किसलिए है

वो इक बेकरारी जो अब तक इधर थी

वोही बेककारी उधर किसलिए है



बहलना ना जाने बदलना ना जाने

तमन्ना मचल के सम्हलना… Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 5, 2010 at 11:48pm — 6 Comments

कुछ सच्चाई जो हमेशा प्रभावी होती है, इक नज़र इधर भी...

1...हमें दूसरो के गुणों की प्रशंशा अवस्य करनी चाहिए/

2...सुनना तो हमें सबकी बातों को चाहिए,लेकिन करना हमेशा अपने मन का चाहिए/

3...हमें किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले अच्छी तरह से तैयारी कर लेनी चाहिए/साथ ही हमें बुरे परिणामो के लिए भी तैयार रहना चाहिए

4...अपने गुणों का स्वयं ही बखान करने से पाप और पुण्य दोनों का प्रभाव क्षीण हो जाता है/

5...किसी व्यक्ति को आप अच्छी खबर दे या ना दे,पर बुरी खबर देने से हमेशा बचे/

6...जो कार्य अगले दिन करनी हो,उसकी रूप-रेखा रात को…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 4, 2010 at 12:58pm — 9 Comments

maano ya naa manno par ye sahi baat hai....dekhi sabhe

1...पृथ्वी पर प्रति मिनट लगभग 6000 बार बिजली कड़कती है।

2...छींक हमारे मुख से लगभग 100 मील प्रति घंटा की गति से बाहर आती है।

3...डॉल्फिन मछली एक आंख खुली रखकर सोती है।

4...मनुष्य अपने जीवनकाल में लगभग 60 हजार पाउण्ड भोजन सामग्री खा जाता है जो लगभग 6 हाथियों के वजन के बराबर है।

5...किसी जमाने में आइसलैण्ड के एक शहर में कुत्ता पालना गैरकानूनी था।

6...हर चार में से एक अमरीकी कभी न कभी टेलीविजन पर दिखाया जा चुका है।

7...जन्म के समय हमारे शरीर में 300 हड्डियां होती हैं… Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 3, 2010 at 11:36pm — 7 Comments

हमर मन कहत बा ,

हमर मन कहत बा ,

जेतना नेता बा लोग ,

ओ लोग के दे दी लम्बा छुट्टी ,

छुट्टी पर जे ना जाई ,

ओ लोग के राऊआ इ बुझी ,

इ चोर के सरदार हा,

हमर मन कहत बा

येके गोली मारी,

इ ता देश के लुटी ,

एकरा के छोरी मत ,

जल्दी तारा (चाहेटी) करी ,

आज के नेता अब नइखन ,

भाई हो देश के बेटा ,

हमर मन कहत बा,



गेरुआ देख के अब राऊआ ,

झट से सर ना झुकाई,

भक्ति से सरबोर कम ,

बेसी गुंडा पाइब ,

पता चलल गेरुआ वाला ,

कुछ बाबा दलाली… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on April 2, 2010 at 6:56pm — 5 Comments

"प्यार"

प्यार वो ख़ुश्बू है जिससे सारा चमन महक उठता है
प्यार वो समझ है जिससे सारी दुनिया शांत हो उठती है

प्यार वो विश्वास है जहाँ अटूट बंधन बाँध लेता है
प्यार वो रंग है जो हर रंग मे मिल जाता है

प्यार बचपन से लेकर जवानी तक एक कहानी लिख जाता है
प्यार जवानी से बुढ़ापे तक एक नई दास्तान बताता है

काश ! हर तरफ़ प्यार ही होता
तो आज दुनिया का एक नया रूप होता

Added by Raju on April 2, 2010 at 6:00pm — 7 Comments

मास्टर बलास्टर रन मशीन कहल जाला सचिन के ,

मास्टर बलास्टर रन मशीन कहल जाला सचिन के ,
भरेसे मंद आउर दिवार नाम राहुल द्रविर के ,
धोनी तूफान बन के आइले उर ग़ाईळ महाराजा .
युवराज के देख के कपिल के याद भइल ताजा ,
कुछु कही बात एगो बाटे जेहन में रहिआन दादा ,
बिरेंदर अइसन बीर खिलारी भज्जी के सहारा ,
सपना कब पूरा होई आई बिश्वा कप दोबारा ,
शान ता गौतम पठान के बात न्यारा ,
बड़े एक से एक धुरंधर , राज नित के सहारा ,
एकरा के आगे बधाई नेता बाहर करी गिन के ,
मास्टर बलास्टर रन मशीन कहल जाला सचिन के ,

Added by Rash Bihari Ravi on April 2, 2010 at 4:41pm — 6 Comments

"काहे की हमनी के सभ्य हो गइल बानी"

दिन,प्रतिदिन,

हर एक पल,

आपन सभ्यता अउर संस्कृति में

निखार आ रहल बा,

हमनी के हो गईनी,केतना सभ्य,

कौआ ई गीत गा रहल बा

पहिले बहुत पहिले,

जब हमनी के एतना सभ्य ना रहीं,

त रहे चारों तरफ खुशहाली,

लोगन के मिलजुल के,

विचरण रहे जारी,

जेतना पावत रहनी,

प्रेम से खात रहनी,

दोस्तन के भी खिआवत रहनी,

आ कबो-कबो भूखे सुत जात रहनी।।

आज जब हमनी के सभ्य हो गइल बानी,

बाटे सोहात नाही,

दोसरा के रोटी,

छिन के खा रहल…
Continue

Added by Raju on April 2, 2010 at 12:41pm — 4 Comments

हम बाबा बन के लुटब ,

सोचत बानी हम ,

हम बाबा बन के लुटब ,

जवान देश में होखे ,

बरका बरका मुरख ,

उहा काहे हम ,

अपन नसीब के कुटब,

सोचत बानी हम ,

हम बाबा बन के लुटब ,

रोज सुबेरे पाठ पढ़ाएम ,

सदा जीवन जिये के ,

संगे इ तरकीब लगायेम,

अपन पाकिट भरे के ,

लोग जे हम पे बिस्वास करी ,

जंगली पता घुटब,

सोचत बानी हम ,

हम बाबा बन के लुटब ,

बाजार में जब नाम होई ,

आपन दवाई बेचाब ,

संगे संगे कुछ नेता लेम ,

आपन पाटी ठोकब,

नेता लोग जैसे… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 7:30pm — 10 Comments

शांति आदमी के कमजोर बना देला ,

शांति आदमी के कमजोर बना देला ,
शक्ति इन्सान के सैतान बना देला ,
अगर सम्पति पाके जे संभल गइल ,
ओकर स्वरुप भगवान के रूप होला .
सैयम के संगे सादगी ता सफलता मिली ,
आउर समृधि अपने आप होई ,
त संस्कार खिली ,
जब स्वास्थ बढ़िया रही त सन्मान मिली ,
आउर सरस्वती जहा रहिआन ,
त उहा स्नेह मिलबे करी ,
जब सनेह मिली ता उहा शांति रही ,
ता रौआ जानते बानी ,
शांति आदमी के कमजोर बना देला ,

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 6:59pm — 5 Comments

जीवन हमार लेके आइल बहार ,

जीवन हमार लेके आइल बहार ,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,
नाही रतिया के नींद ,
नाही दिन के करार ,
इ ता जीवन हो गइल तोहर,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,
जेने देखि ओने तुही दिखेलु ,
मनवा पे हमारा तू राज करेलू ,
लगे आवेलु आवे ला बहार ,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,
सपना में तुही खुली अखीया में तुही ,
हर दम हमारा बतिया में तुही ,
दूर जालू ता तरपे मन हमार ,
हमारा तोहरा से प्यार हो गइल,

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 6:40pm — 5 Comments

जे जीवन से खुबे कईलास प्यार ,

जे जीवन से खुबे कईलास प्यार ,

ओकर जीवन बेकार हो गईल ,



ये भरम में त मत रहा इयर ,

की इ जीवन हमर हो गईल ,



चाहे जेतना तू पाउडर लगाला ,

आई बुढ़ापा सूरत बेकार हो गईल ,



कबो माई बाबूजी कबो भाई भौजाई ,

पत्नी आउर बचवान पर मनवा हेराइल ,



जवानी बितावाला तू मस्ती में ईयार ,

लागल जीवन साकार हो गइल ,



जे परभू के चरण में दिनवा बितावल ,

उहो ता भव सागर पर हो गइल ,



अब का पछताई करबा त ईयार ,

सारी उमर जब पार हो गइल… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on April 1, 2010 at 5:20pm — 6 Comments

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

कही बाटे धुप त कही बाटे छाया ,

जेकरा लागे बाटे,

ओके खूब देत बारs ,

जेकरा लागे नइखे ,

ओकर पेटो ना भरत बारs ,

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

कही बाटे धुप त कही बाटे छाया ,

जेकरा लागे पाईसा बा ,

उ भगवान के जइसन बा

तहरे अइसन इहो ,

अब कम त करत बा ,

जेकरा लागे बाटे ,

ओकरे के पूछत बा ,

जेकरा लागे नइखे ,

ओके दूर से नमस्कार ,

बाह रे भगवान तहार अजबे बा माया ,

कही बाटे धुप त कही बाटे… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 31, 2010 at 4:11pm — 4 Comments

दोस्त बनाई किस्मत चमकाई,

( इ कविता बा हमारा उ सब भाई लोग खातीर जे एड देख के दोस्ती करे ला लोग ओ

लोग के सावधान करे खातीर अंत में जिगोलो सब्द आइल बा जिगोलो मर्द बेस्या के

कहल जाला धन्यवाद राउर आपन रवी कुमार गिरी गुरु )



दोस्त बनाई किस्मत चमकाई,

अइसन एड अक्सर ,

न्यूज़ पेपर में आवे ला ,

जवन मन के भावे ला ,

भईया इ मन भावन एड से ,

रहीआ दुरी बनाई ,

इ किस्मत ना चमकाई ,

एक जाना इ एड के देखी ,

दिहले फोन मिलाई ,

दूसरा तरफ से आवाज ,

खनखनात महिला के आइल… Continue

Added by Rash Bihari Ravi on March 31, 2010 at 2:26pm — 4 Comments

"एक था और एक थी"

This poem is not written by me......This is my one of favourite poem

एक था’…

Continue

Added by Raju on March 31, 2010 at 1:57pm — 4 Comments

अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में

अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम
जीयल अब जाई ना बिन तोहरा…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on March 31, 2010 at 11:04am — 8 Comments

Monthly Archives

2019

2018

2017

2016

2015

2014

2013

2012

2011

2010

1999

1970

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore commented on vijay nikore's blog post आज फिर ...
"सरहाना के लिए हार्दिक आभार, आदरणीय सुशील जी।"
43 minutes ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post एक और खंडहर
"सराहना के लिए हार्दिक आभार, भाई समर कबीर जी। सुझाव के लिए भी धन्यवाद। सही कर रहा हूँ।"
55 minutes ago
vijay nikore commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post अपने आप में
"रचना अच्छी लगी। बधाई, आदरणीय प्रदीप जी।"
1 hour ago
vijay nikore commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post चक्र पर चल (छंदमुक्त काव्य)
"कविता बहुत ही अच्छी लगी। बहुत समय के बाद आपकी कविता पढ़ने को मिली।  हार्दिक बधाई  शैख…"
1 hour ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post अहसास .. कुछ क्षणिकाएं
"बहोत लाजवाब रचना सर"
4 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ0 कबीर साहब वेहतरीन इस्लाह हेतु हार्दिक आभार और नमन।"
5 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Abha saxena Doonwi's blog post ग़ज़ल: हर शख़्स ही लगा हमें तन्हा है रात को
"बहुत खूब बधाई"
6 hours ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Abha saxena Doonwi's blog post on Facebook
6 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' posted a blog post

ग़ज़ल (देते हमें जो ज्ञान का भंडार)

गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर:-बह्र:- 2212*4देते हमें जो ज्ञान का भंडार वे गुरु हैं सभी,दुविधाओं…See More
7 hours ago
Abha saxena Doonwi posted a blog post

ग़ज़ल: हर शख़्स ही लगा हमें तन्हा है रात को

२२१ २१२१ १२२१ २१२चंदा मेरी तलाश में निकला है रात को!शायद वो मेरी चाह में भटका है रात को !! होती है…See More
13 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 1212 22.पूछिये मत कि हादसा क्या है । पूछिये दिल मेरा बचा क्या है।।दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है।…See More
13 hours ago
pratibha pande commented on amita tiwari's blog post आई थी सूचना गाँव में
"प्रश्न उबल रहा था मगर उत्तर मौन था कि युद्ध घोषित हुआ नहीं तो कैसे घोषित हो गए शहीद होरी…"
13 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service