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  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
 

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Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"जनाब सुधेन्दु ओझा जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 11
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह बूँद-बूँद में व्यथा समेटे दहके कोई देह क़ा० अपने सरसी छंद से प्रारम्भ किया , पर आगे 16, 11 का निर्वाह बिखर गया . बहुत अच्छी भावपूर्ण कविता कटघरे में आ गयी . आगे ध्यान रखें . सादर ."
Jul 10
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह बूँद-बूँद में व्यथा समेटे दहके कोई देह क़ा० अपने सरसी छंद से प्रारम्भ किया , पर आगे 16, 11 का निर्वाह बिखर गया . बहुत अच्छी भावपूर्ण कविता कटघरे में आ गयी . आगे ध्यान रखें . सादर ."
Jul 10
Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"जनाब सुधेन्दु ओझा साहिब आदाब,बहुत अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 8
Mohammed Arif commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"आदरणीय सुधेंदु ओझा जी आदाब,                        बहुत ही बेहतरीन सामयिक बारिश का गीत । पूरा मन तरबतर हो गया । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 8
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"आद0 सुधेन्दु ओझा जी सादर अभिवादन। बढिया गीत लिखा है आपने। पढ़कर अच्छा लगा। इस प्रस्तुति पर मेरी बधाई आपको।सादर"
Jul 8
Shyam Narain Verma commented on SudhenduOjha's blog post चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह
"सुंदर गीत के लिए कोटिशः बधाई ..."
Jul 7
SudhenduOjha posted a blog post

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह चन्दन सा महका कर मन कोबरसे काले मेहबूँद-बूँद में व्यथा समेटेदहके कोई देह हर आहट के धोखे नेमुझको तहस-नहस कर डालासूनी वेदी पर खड़ी रही मैंलिए हाथ में वर की मालाआएगा कि नहीं? हृदय मेंउठते सौ संदेह चन्दन सा महका कर मन कोबरसे काले मेहबूँद-बूँद में व्यथा समेटेदहके कोई देह प्यास प्रेम की वो पहचानेजो रोम-रोम से प्यासा होनट-नागर से कहीं अधिकजो, राधा सा दीवाना होरक्त-शिरा में जिसकेबहता निर्मल स्नेह चन्दन सा महका कर मन कोबरसे काले मेहबूँद-बूँद में व्यथा समेटेदहके कोई…See More
Jul 7
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on SudhenduOjha's blog post मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।
"आदरणीय पढ़ने में रचना बड़ी सरस लगी...बाकी आदरणीय समर कबीर जी आदरणीय लक्ष्मण धामी जी ने रोशनी डाली ही है...सादर"
Jul 5
Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।
"जनाब सुधेन्दु ओझा जी,दुनिया में कोई ऐसा फ़न नहीं जो इंसान न सीख सके,ये बात अलग है कि हर काम में कुछ न कुछ दुश्वारियाँ ज़रूर आती हैं,इसी तरह ग़ज़ल का फ़न उन लोगों के लिए आसान है जो इसे सीखना चाहते हैं, और इसे सीखने के लिए आपको किसी उस्ताद की मुहताजी भी…"
Jul 4
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on SudhenduOjha's blog post मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।
"आ. सुधेन्दू जी, रचना का प्रयास अच्छा है । आ. भाई समर जी की बात का संज्ञान लें । गजल में बह्र साधना न तो कठिन है और न हिन्दी गजल में बह्र को दरकिनार करना जरूरी है । यह अलग बात है कि बाजार युग में सब चल रहा है । जरा सा प्रयास करेंगे तो सहजता से साध…"
Jul 3
SudhenduOjha posted a blog post

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।कदम-कदम पे सलीबों की प्यास है प्यारे॥ख़यालो-ख्वाब, तसव्वुर भी जुर्म होते हैं।चले भी आओ हर नज़ारा उदास है प्यारे॥मुझे भी पढ़ के किताबों में दफ्न कर देना।वाकिफ हैं तुम्हारी आदत खास है प्यारे॥ये तेरा ही नाम लिक्खा है हर इशारों पर।तेरी नज़र के करम की तलाश है प्यारे॥मेरे कत्ल की साजिश न कर सका पूरी।के मुझे फिर वही दिखा पास है प्यारे॥मौलिक एवं अप्रकाशित........See More
Jul 2
Dr Ashutosh Mishra commented on SudhenduOjha's blog post क्या है कविता?
"सुंदर प्रस्तुति हेतु हार्दिक बधाई सादर "
Jun 29
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Jun 25
SudhenduOjha posted a blog post

कर नेकी दरिया में डाल

है धुआँ-धक्कड़ और बवालचेहरे-चेहरे लिक्खे सवालकर नेकी दरिया में डाल बाबा खेल-खिलांवे भइय्यानाचे भक्तिन ताल-तलईय्याचोर सियार सब होशियारमूड़ी काटे भए चमारये सूअर हैं, हरामखोर हैंइनकी लें हम उतार खाल(उपरोक्त पंक्तियाँ ढोंगी बाबाओं के संदर्भ में हैं) है धुआँ-धक्कड़ और बवालचेहरे-चेहरे लिक्खे सवालकर नेकी दरिया में डाल जात अहीर, अहीरन के साथेदेश-मुल्क अब किसके माथे?बहुजन सब्बइ मुसुरमान होततुर्की, अब हिंदुस्तान होतबाभन-ठाकुर लतख़ोर-हुआ है बनिया भी बे-हाल है धुआँ-धक्कड़ और बवालचेहरे-चेहरे लिक्खे सवालकर नेकी…See More
Jun 23
SudhenduOjha left a comment for Rakshita Singh
"आदरणीया सुश्री रक्षिता सिंह जी, नमस्कार। रचना आपको पसंद आई, धन्यवाद...."
Jun 20

Profile Information

Gender
Male
City State
New Delhi
Native Place
Pratapgarh (UP)
Profession
Service

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चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह

चन्दन सा महका कर मन को बरसे काले मेह

 

चन्दन सा महका कर मन को

बरसे काले मेह

बूँद-बूँद में व्यथा समेटे

दहके कोई देह

 

हर आहट के धोखे ने

मुझको तहस-नहस कर डाला

सूनी वेदी पर खड़ी रही मैं

लिए हाथ में वर की माला

आएगा कि नहीं? हृदय में

उठते सौ संदेह

 

चन्दन सा महका कर मन को

बरसे काले मेह

बूँद-बूँद में व्यथा समेटे

दहके कोई देह

 

प्यास प्रेम की वो पहचाने

जो…

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Posted on July 7, 2018 at 3:08pm

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।

मुझे भी तुमसे मुहब्बत की आस है प्यारे।

कदम-कदम पे सलीबों की प्यास है प्यारे॥

ख़यालो-ख्वाब, तसव्वुर भी जुर्म होते हैं।

चले भी आओ हर नज़ारा उदास है प्यारे॥

मुझे भी पढ़ के किताबों में दफ्न कर देना।

वाकिफ हैं तुम्हारी आदत खास है…

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Posted on July 2, 2018 at 1:00pm

क्या है कविता?

क्या है कविता?

 

भाव-प्रवण शब्दों का

मोहक जाल

डम-डम, डिम-डिम

ध्वनियों का कमाल

प्रकृति में गुंजायमान,

अनहत नाद?

स्यात, प्रणय का…

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Posted on June 25, 2018 at 5:14pm

कर नेकी दरिया में डाल

है धुआँ-धक्कड़ और बवाल

चेहरे-चेहरे लिक्खे सवाल

कर नेकी दरिया में डाल

 

बाबा खेल-खिलांवे भइय्या

नाचे भक्तिन ताल-तलईय्या

चोर सियार सब होशियार

मूड़ी काटे भए चमार

ये सूअर हैं, हरामखोर हैं

इनकी लें हम उतार खाल

(उपरोक्त पंक्तियाँ ढोंगी बाबाओं के संदर्भ में हैं)

 

है धुआँ-धक्कड़ और बवाल

चेहरे-चेहरे लिक्खे सवाल

कर नेकी दरिया में डाल

 

जात अहीर, अहीरन के साथे

देश-मुल्क अब किसके…

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Posted on June 22, 2018 at 7:30pm

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At 6:00pm on June 9, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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