For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rahila
  • Female
  • shivpuri m. p.
  • India
Share

Rahila's Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • sahila
  • Parvez khan
  • Sunil Verma
  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Ashish Painuly
  • Omprakash Kshatriya
  • Madan Mohan saxena
  • vijay nikore
  • Abid ali mansoori
  • Dr.Prachi Singh
  • विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी
  • मिथिलेश वामनकर
 

Rahila's Page

Latest Activity

Rahila commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"आप सब आदरणीय वरिष्ठ सुधीजनों का रचना पर इतनी सुंदर टिप्पणियों के लिए तहे दिल से शुक्रिया।सादर"
Dec 5
Rahila commented on TEJ VEER SINGH's blog post लघुकथा – गप्पी पुत्तू -
"वाह...रचना ने आज का समय खूब पकड़ा।"गप्पी पुत्तू" ने खूब निशाना साधा।बहुत  मुबारक।"
Dec 5
Samar kabeer commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"मोहतरमा राहिला जी आदाब,अच्छी लघुकथा है, बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 1
Mohammed Arif commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"आदरणीया राहिला जी आदाब, बेहतरीन कथानक, अच्छे पात्रानुकूल संवाद और भाषा-शैली । आजकल सरकारी तंत्र में इस तरह भी निलंबन और बहाली का छद्म खेल चलता है । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 30
Dr. Vijai Shanker commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"बधाई , आदरणीय सुश्री राहिला जी , सादर ।"
Nov 29
Sheikh Shahzad Usmani commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"बहुत बढ़िया उम्दा प्रस्तुति के लिए सादर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं आदरणीया राहिला साहिबा।"
Nov 29
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"वाह आदरणीया राहिला जी बहुत खूब, सरकारी मशिनरी बेहतरीन प्रयास हुआ है आपका| बधाई स्वीकारें|"
Nov 29
TEJ VEER SINGH commented on Rahila's blog post कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला
"हार्दिक बधाई आदरणीय राहिला आसिफ़ जी।राजनीतिज्ञों और सरकारी मशीनरी के घिनौने तालमेल को दर्शाती गज़ब की लघुकथा।"
Nov 29
Rahila posted a blog post

कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला

कार्यालय में कई दिनों तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने के वाले सुरेश कुमार को कमिश्नर साहब ने निलंबित क्या किया।वह हर कर्मचारी के लिए चर्चा का विषय बन गये।सब उनकी दबंगई और ईमानदारी के कायल हुए बगैर ना रह सके। आखिर उन्होंने मंत्री जी के दामाद के खिलाफ जो कार्यवाही की थी। वहीं निलंबन की खबर पाते ही उसी शाम ,एक मिठाई का डिब्बा लेकर सुरेश कुमार , कमिश्नर साहब के सरकारी बंगले पर पहुँच गए।"नमस्कार सर!""नमस्कार ,नमस्कार कहो कैसे आये।""बस सर! आपको धन्यवाद कहना था। और यह एक छोटी सी भेंट।"उसने मिठाई का…See More
Nov 29

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Rahila's blog post ***हरी कलम***(लघुकथा)राहिला
"बहुत अच्छा कटाक्ष ..अच्छी लघु कथा राहिला जी बहुत बहुत बधाई "
Nov 21
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Rahila's blog post परित्यागी (कविता)राहिला
"अच्छी कविता हुई आदरणीया..सादर"
Nov 21
pratibha pande commented on Rahila's blog post परित्यागी (कविता)राहिला
"बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति प्रिय राहिला जी हार्दिक बधाई"
Nov 20
Samar kabeer commented on Rahila's blog post परित्यागी (कविता)राहिला
"मोहतरमा राहिला जी आदाब,कविता का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 20
Rahila commented on Rahila's blog post ***हरी कलम***(लघुकथा)राहिला
"बहुत शुक्रिया आदरणीय अहमद साहब!सादर"
Nov 20
Tasdiq Ahmed Khan commented on Rahila's blog post ***हरी कलम***(लघुकथा)राहिला
"मुहतर्मा राहिला साहिबा ,उम्दा लघुकथा हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
Nov 20
Mohammed Arif commented on Rahila's blog post परित्यागी (कविता)राहिला
"आदरणीया राहिला जी आदाब, मेरे कहने का नाम आशय यह है कि यह सुंदर अभिव्यक्ति तो है ही और रचना नकारने के लायक कतई नहीं है । यदि आप किसी छंद में लिखती तो अच्छा होता । कौन से छंद में रचना बेहतर होगा यह आपको तय करना होगा ।"
Nov 20

Profile Information

Gender
Female
City State
MP
Native Place
Shivpuri
Profession
Teacher

Rahila's Blog

कागज़ के घोड़े (लघुकथा)राहिला

कार्यालय में कई दिनों तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने के वाले सुरेश कुमार को कमिश्नर साहब ने निलंबित क्या किया।वह हर कर्मचारी के लिए चर्चा का विषय बन गये।सब उनकी दबंगई और ईमानदारी के कायल हुए बगैर ना रह सके। आखिर उन्होंने मंत्री जी के दामाद के खिलाफ जो कार्यवाही की थी। वहीं निलंबन की खबर पाते ही उसी शाम ,एक मिठाई का डिब्बा लेकर सुरेश कुमार , कमिश्नर साहब के सरकारी बंगले पर पहुँच गए।

"नमस्कार सर!"

"नमस्कार ,नमस्कार कहो कैसे आये।"

"बस सर! आपको धन्यवाद कहना था। और यह एक छोटी सी… Continue

Posted on November 29, 2017 at 11:49am — 7 Comments

परित्यागी (कविता)राहिला

ना हम तुम से कोई प्रश्न करें।।

न तुम हम से कोई सवाल करो ,

ना हम तुमसे कोई शिक़वा करें।।

ना तुम हम से कोई मलाल रखो।



तुम मन चाहा पथ चुन ही लो,

फिर मेरी राह ना आन धरो।।

तुम मन चाहा स्वप्न बुन ही लो,

फिर मेरे दर ना कान धरो।



जब अंध अहं सीमा लांघे,

जब मेरा वजूद ख़ाक करो ,

तब स्वयं स्वतंत्र कर मेरा मन

तुम मुझ पर अहसान करो।।



जाओ ,जहाँ तुम्हें छाँव मिले,

जाओ, वहाँ जहां दिल खिले,

जाओ,सत्य स्वीकार किया,

तुम अपना… Continue

Posted on November 19, 2017 at 6:39pm — 6 Comments

***हरी कलम***(लघुकथा)राहिला

"क्यों मिश्रा जी!आजकल किस क्षेत्र में सीजन चल रहा है।"

मेज पर फ़ाइल रखने आये बाबू से उन्होंने पूछा ।साहब का आशय समझ, वह टेढ़ी मुस्कान के साथ बोला-

"साहब!त्योहार तो बचे नहीं,लेकिन एक तहसील में कमलेश्वर भगवान के मंदिर चला जा सकता है।"

"अच्छा...! क्यों, वहाँ क्या हो रहा है ?"

"साहब!स्थानीय मेला लगा है।और कम से कम दस विद्यालय हैं उस क्षेत्र में ।"

"दस तो काफी हैं।"

कहते हुए हरियाली की चकाचौंध उनकी आँखों में कौंध गयी।

"नहीं साहब!दस में से सिर्फ चार पर ही जा… Continue

Posted on November 16, 2017 at 12:30pm — 11 Comments

***खरबूजा*** राहिला(लघुकथा)

"अरे अम्माँ ! आपको अहमदाबाद वाले सिद्दीक साहब याद हैं ?"

"आपको जानकर खुशी होगी कि हमने जो दो फ्लैट पसंद किए हैं, उनमें से एक उनके ही पड़ोस में है।इनको तो वही जम रहा है।"

"क्या कह रही हो..! सिद्दीक यहाँ है? बड़ी भली बहू थी उसकी बहुत ही मुहब्बती।"

उसका ज़िक्र आते ही उनकी आँखों में आज भी मुहब्बत उमड़ आयी।

" बस तो फिर डिसाइड हो गया। उसे ही फाइनल कर लेते हैं।क्यों अम्माँ ? सही है न..!"

"और दूसरा वाला फ्लैट कैसा है?"अम्माँ ने प्रतिप्रश्न किया।

"वह भी बहुत बढ़िया है ।कम तो कोई… Continue

Posted on November 6, 2017 at 2:00pm — 18 Comments

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:07pm on April 19, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया राहिला जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी लघुकथा "कहर" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:33pm on March 29, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीया Rahila  जी,

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 7:33pm on November 11, 2015, Abid ali mansoori said…

आदरणीया राहिला जी हारदिक आभार आपका!

At 2:25am on October 2, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।
At 4:02am on October 1, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
मोस्ट वेलकम। कब ज्वाईन किया ? गोष्ठी 6 में कथा भी भेजी थी क्या ? प्रोफाइल में कैसे जाने , ये तो अधूरी जानकारी है अभी वहां, कैसे कन्फर्म करें, फोन पर कन्फर्म करने के बाद स्वीकार करेंगे रिक्वेस्ट, ओके
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post राजमार्ग का एक हिस्सा(लघुकथा)
"समय देकर उत्साह बढ़ाने के लिए बहुत बहुत आभार आ सुरेन्द्र इंसान भाई जी"
2 hours ago
Manoj kumar Ahsaas commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बहुत खूब बधाई"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आ० महेंद्र कुमार जी हौंसलाफ़ज़ाई के लिए सादर आभार नमन"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय तस्दीक अहमद खां जी,हौंसलाफ़ज़ाई के लिए तहे दिल शुक्रिया"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर जी आपको प्रयास पसन्द आया,यह सार्थक हुआ। सादर आभार नमन"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय सुशील सरन जी उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार संग नमन"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय बृजेश भाई जी उत्साहवर्धन के लिए बहुत-बहुत आभार"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय कालीपद प्रसाद मंडल जी,हौंसलाफ़ज़ाई के लिए तहेदिल आभार"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय सुरेन्द्र भाई जी,हौंसलाफ़ज़ाई के लिए बहुत-बहुत हार्दिक आभार"
2 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on सतविन्द्र कुमार's blog post मोम नहीं जो दिल पत्थर है-ग़ज़ल
"आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी सादर नमन,प्रयास के अनुमोदन और हौंसलाफ़ज़ाई के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया"
2 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post है बड़ा अच्छा तरीका ज़ुल्म ढाने के लिए
"आ0 ब्रजेश कुमार ब्रज साहब शुक्रिया ।"
3 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post है बड़ा अच्छा तरीका ज़ुल्म ढाने के लिए
"आ0 मो0 आरिफ साहब तहे दिल से आभार"
3 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service