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पुस्तक समीक्षा Discussions (110)

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आधी जली हुई सिगरेट

पुस्तक : जाति कोई अफ़वाह नहीं (रोहित वेमुला की आॅनलाइन डायरी)  लेखक : रोहित वेमुला अनुवादक : राजेश कुमार झा संपादक : निखिला हेनरी प्रकाशक :…

Started by Mahendra Kumar

2 Dec 17, 2017
Reply by Mahendra Kumar

समीक्षा :"अतल रतन अनमोल" दोहा संग्रह

समीक्षा पुस्तक : अतल रतन अनमोल दोहाकार : जी. पी. पारीक प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर (राज.) मूल्य : रु. १२०/-     भावों ने पहनी सहज, मृदु श…

Started by Ashok Kumar Raktale

0 Nov 29, 2017

मातृ धर्म से मानव धर्म की राह बताता उपन्यास " श्याम की माँ "

पुस्तक - श्याम की माँ लेखक - साने गुरूजी अनुवादक - संध्या पेडणेकर प्रकाशक - प्रभात प्रकाशन मूल्य - ४०० रुपए संस्करण - २०१७ ----------------…

Started by shashi bansal goyal

0 Nov 5, 2017

पृथ्वी के छोर पर ; लेखक – शरदिन्दु मुखर्जी : एक पाठकीय टिप्पणी -- शुभ्रांशु पाण्डेय

   बहुत दिनों से इस पुस्तक के बारे में लिखना चाह रहा था जोकि संस्मरण विधा की एक अनुपम कृति की तरह सामने आयी है. मै शरदिन्दु मुखर्जी की पुस्…

Started by Shubhranshu Pandey

0 Oct 24, 2017

ज़िन्दगी से जुड़ी व ज़िन्दगी से जोड़ती राजेश कुमारी की लघुकथाएं

पुस्तक-   ‘गुल्लक’ (लघुकथा संग्रह) लेखिका-   राजेश कुमारी प्रकाशक-  अंजुमन प्रकाशन, इलाहाबाद मूल्य-    140-00 रू. ------------------------…

Started by Ravi Prabhakar

28 Oct 10, 2017
Reply by Ravi Prabhakar

सदस्य कार्यकारिणी

ग़ज़ल संग्रह “डाली गुलाब पहने हुए” : मेरे विचार

                      आज राजेश कुमारी ‘राज’ जी का ग़ज़ल संग्रह “डाली गुलाब पहने हुए” प्राप्त हुआ जिसे प्रकाशित किया है अंजुमन प्रकाशन ने l…

Started by मिथिलेश वामनकर

2 Oct 4, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

समीक्षा : 'मन में भरो उजास'

“मन में भरो उजास” – कुण्डलिया छंद संग्रह छंदकार – सुभाष मित्तल ‘सत्यम्’ प्रकाशक – बोधि प्रकाशन, जयपुर. (राज.) मूल्य – रुपये 150/-   “बदलते…

Started by Ashok Kumar Raktale

1 Sep 20, 2017
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

रश्मि शर्मा का कविता संग्रह : ' मन हुआ पलाश'

कृति‍ : मन हुआ पलाश   लेखिका : रश्मि शर्मा   वि‍धा : काव्‍य   मूल्‍य : 320 रुपये   प्रकाशक : अयन प्रकाशन , नई दि‍ल्‍ली   मन के पलाश की तला…

Started by डॉ.लक्ष्मी कान्त शर्मा

0 Sep 4, 2017

शफ़क--राजकुमारी नायक का कविता संग्रह

श्रीमती राजकुमारी नायक का काव्य संग्रह शफ़क  जब हमारी लेखिका संघ की अध्यक्षा आ. अनिता सक्सेना जी ने मुझे सौंपा तो यह मेरे लिए एक नई चुनौती ल…

Started by नयना(आरती)कानिटकर

0 Aug 23, 2017

‘करो परिष्कृत अंतर्मन को’- काव्य की आत्मा से एक संवाद

(कवयित्री माधवी मिश्रा  की पुस्तक  ‘करो परिष्कृत अंतर्मन को’  की संवाद शैली में आलोचना )                            ‘करो परिष्कृत अंतर्मन क…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jun 26, 2017

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Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाह आदरणीय जी बहुत खूबसूरत सृजन हुआ है सर । हार्दिक बधाई सर"
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Sushil Sarna commented on Manan Kumar singh's blog post आजकल(लघुकथा)
"वाह आदरणीय बहुत सुंदर और सार्थक प्रस्तुति है सर ।हार्दिक बधाई सर"
16 minutes ago
Sushil Sarna commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)
"वाह आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब बहुत खूबसूरत सृजन हुआ है सर । हार्दिक बधाई सर"
18 minutes ago
Sushil Sarna posted a blog post

असली - नकली. . . .

असली -नकली . . . .सोच समझ कर पुष्प पर, अलि होना आसक्त ।नकली इस मकरंद पर  , प्रेम न करना व्यक्त…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें,…"
22 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)
"आदरणीय सुधीजन पाठकों ग़ज़ल के छठवें शे'र में आया शब्द "ज़र्फ़मंदों" को कृपया…"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (उठाओ जितनी भी चाहे क़सम ज़माने की)
"पुन: आगमन पर आपका धन्यवाद। "
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी posted a blog post

ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)

2122 - 2122 - 2122 - 212वो जो हम से कह चुके वो हर बयाँ महफ़ूज़ हैदास्तान-ए-ग़ीबत-ए-कौन-ओ-मकाँ…See More
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Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post रूप(लघुकथा)
"आदरणीय महेंद्र जी, लघुकथा को आपने इज्जत बख्शी। आपका शुक्रिया। "
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Mahendra Kumar commented on Manan Kumar singh's blog post रूप(लघुकथा)
"व्यक्ति के कई रूप होते हैं। इस बात को रेखांकित करती हुई अच्छी लघुकथा लिखी है आपने आ. मनन जी।…"
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Mahendra Kumar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (उठाओ जितनी भी चाहे क़सम ज़माने की)
"कोई बात नहीं। रचना पर अन्तिम निर्णय लेखक का ही होता। एक बार पुनः बधाई। "
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अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (उठाओ जितनी भी चाहे क़सम ज़माने की)
"आदरणीय महेंद्र कुमार जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया, जनाब…"
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