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सुप्रभात राजस्थान

लाल सुरंगो सूरज ऊग्यौ, सुरंगो हुयौ असमान। कहे बिरकाळी भायां नै, सुप्रभात राजस्थान।। बात बताऊं एक पते गी, सुणल्यौ ध्यान लगाय। आपणी भाषा राज…

Started by सतवीर वर्मा 'बिरकाळी'

0 Feb 28, 2013

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१२२२/१२२२/१२२ ये ग़म ताज़ा नहीं करना है मुझको वफ़ा का नाम अब डसता है मुझको[१] मुझे वो बा-वफ़ा लगता…See More
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