For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

प्रख्यात विद्वान एवं मूर्धन्य साहित्यकार राजेन्द्र यादव आज दिवंगत हो गए ,अब हमारे मध्य वे केवल स्मृति एवं कृति रूप में ही रहेंगे . एक साधारण दिखने वाला असाधारण व्यक्तित्व ,सुहृद व्यक्ति और जिसे अपनी अच्छाइयाँऔर बुराइयाँ दोनों को अपने चेहरे पर खूबसूरती से सजाना आता था .हिंदी साहित्य क्षेत्र में एक अलग परिचय के लोग थे ,कई राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े रहे और कुछ का तो संपादन भी किया . ईश्वर इस विभूति को अपने लोक में यथेष्ट स्थान दें .उन्हें मेरी आत्मीय और विनम्र श्रद्धांजली .

Views: 1410

Reply to This

Replies to This Discussion

हिंदी साहित्य के इस पुरोधा को सुनने का मौका एक बार अपने अध्ययन काल में सागर विश्विद्यालय में मिला था ..उनके द्वारा सम्पादित हंस पत्रिका की गुणवत्ता साहित्यप्रेमियो के आकर्षण का बृहत् केंद्र रही ,,उनका निधन साहित्य की अपूरणीय क्षति है ..इश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे और परिवार को इस दुःख को सहन करने की असीम शक्ति प्रदान करे..इस महान साहित्यकार को विनम्र श्रधांजलि ,,,,,

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on amita tiwari's blog post सर्दीली सांझ ऐसे आई मेरे गाँव
"मुहतरमा अमिता तिवारी जी आदाब, सुंदर रचना हुई है, हृदय तल से बधाईयाँ। सादर। "
14 minutes ago
Samar kabeer commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल (1222 1222 122)
"जनाब आज़ी तमाम जी आदाब, आपकी ग़ज़ल अभी समय चाहती है, अध्यन करे,इस प्रस्तुति पर बधाई आपको ।"
41 minutes ago
Samar kabeer commented on amita tiwari's blog post सर्दीली सांझ ऐसे आई मेरे गाँव
"मुहतरमा अमिता तिवारी जी आदाब, अच्छी रचना हुई, बधाई स्वीकार करें ।"
43 minutes ago
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"मुहतरमा रचना निर्मल जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । 'रूह के पार मुझको ले…"
51 minutes ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल : मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । कुछ टंकण त्रुटियाँ देख लें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । 'एक ही जगह बस पड़ा हूँ…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post ढूँढा सिर्फ निवाला उसने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई 'मुसाफ़िर' जी आदाब, मतले के बग़ैर  बहुत अच्छी ग़ज़ल कही है…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post चाँद को जब बदसूरत करने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई जी, सादर अभिवादन ।गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार । आपने उचित बदलाव सुझाए हैं । हार्दिक…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post ढूँढा सिर्फ निवाला उसने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई विजय शंकर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व उत्तसाहवर्धन के लिए आभार।"
10 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"जी, ठीक है अब ।"
15 hours ago
Krish mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"बहुत बहुत शुक्रिया आ. अमीरुद्दीन सर आपकी हौसलाफजाई के लिये। सादर"
15 hours ago
Krish mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आ. समर सर देखें क्या प्रयास सफल हुआ बेहतरी का.. धूप की छांव में लेटा हुआ गीला सा चाँद खूबसूरत सी…"
15 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service