For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

माई के चरनिया में बसल चारों धाम बा
तीरथ ब्रत के अब हमरा कौन काम बा
माई बाबु से बढ़ के ना पूजा पाठ अजान बा

हम ई वाद-प्रतिवाद शुरू कर रहल बनी माई के ऊपर......जे ई दुनिया में भगवान् से भी बढ़कर बारी.....हम बस एहे चाहब की रुआ लोग भी आपण आपण राय एह्पर दी....आप लोग के नजर में माई बाबूजी के का जगह बा......आप लोग लिखी जा..............

Views: 724

Reply to This

Replies to This Discussion

सबसे पहले तो मै आपको पहला और इतना गम्भीर बिषय पर चर्चा करने हेतु धन्यबाद देता हू । दुनिया मे सबसे बढ़कर माँ,बाप का स्थान है जिसका कर्ज मनुष्य कभी चुका ही नही सकता, माँ अपने खुन और दुध दोनो से सन्तान को सिच कर पालती है, मै अभी केवल इतना हि लिख रहा हू, और सदस्यो के विचार आने के बाद मै फिर लिखने का कोशिस करूगा ।
प्रितम भाई परनाम,
बहुत ही निमन चर्चा शुरू रउआ कइले बानी, हम ऐ बहस मे बाद मे सक्रियता से लेब, पर सबसे पहिले हम कोई के लिखल कुछ लाइन ईहा आज के परिवेश मे रखल चाहत बानी......

रिश्तो को यू तोड़ते,जैसे कच्चा सूत ,
बटवारा मा -बाप का,करने लगे कपूत ,

कैसे बेटो पर करे,माता -पिता अभिमान,
अपने घर में ही बने,अनचाहे मेहमान ,

माता-पिता में बस रहे,साक्षात भगवान,
मंदिर-मस्जिद ढूंढता ,मानव है नादान ,

मुस्टन्डो को पूजते और नवाते शीश,
पानी माँगे बाप तो ,नखरे करते बीस,

छिने -भिन्न सपने हुए,तार तार विश्वास,
माता -पिता को दे दिया,बेटो ने वनवास ,

मंदिर में पूजा करे,घर में करे क्लेश ,
बाप तो बोझा लगे,पत्थर लगे गणेश ,

प्रेम आस्था त्याग हुए,बीते युग की बात,
बच्चे ही करने लगे,माता-पिता से घात ,

पानी आँखो मे मरी ,मरी शर्म-ओ-लाज ,
कहे बहू अब साँस से,घर में मेरा राज ,

नयी सदी से मिल रही,दर्द भरी सौगात,
बेटा कहता बाप से,क्या तेरी औकात ,

कमा अकेले बाप ने,बेटे पाले चार ,
एक अकेली जब अब,चारो पर है भार,

मरने लगी संवेदना ,ख़तम हुए सदभाव,
पूरब पर भी हो गया, पश्चिम का प्रभाव ,
preetam bhai tu iyad karat bara mai ke okara se puchha mai ke bisay me jekara lage mai naikhe
jee guru jee sahi kah rahal bani...hum samajh sakat bani.........
bahut badhiya discussion ,aaj ke jamana me sabse kum mai baap ke kimat hota.bahut hi saubhagya wala beta beti badan jekara apna mata pita ke sewa kare ke subhagya prapt hola.bahut badhiya.
I want to say only .........

माई हिमालय से भी ऊंचा हो ले
लेकिन
पत्थर लेखा कठोर ना
माई सागर से भी गहरा हो ले
लेकिन
सागर जइसन खारा ना
भगवान के भी जन्म देवे ले माई
लेकिन
भगवान लेखा दुर्लभ ना
माइ त हवा से भी जादे गतिशील हो ले
लेकीन
अदृश्य बिल्कुल ना

देखत रहेले हरदम माई
हमनी के बीमार भइला पर
गुमसुम बैठ के सिरहाना
माथ पर हाथ फेरत.....
लम्बी उम्र के कामना करत ....
ई त शाश्वत सत्य बा...की
माई के तुलना ना हो सकेला
काहे कि
केहू नईखे
माई के जईसन
केकरा से करी हम तुलना माई के............
माई...
माई ...हो ले!
बस माई ....
माई के तुलना ना हो सकेला।।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post चाँद को जब बदसूरत करने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
""आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक…"
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post ढूँढा सिर्फ निवाला उसने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आठवें शेर में पर का अर्थ दूसरों से है । "
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post ढूँढा सिर्फ निवाला उसने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद। आपने गजल को…"
11 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post चाँद को जब बदसूरत करने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"जनाब लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, पर्यावरण पर चिंता के भाव से उम्दा ग़ज़ल कही है आपने, दाद के…"
14 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार।सर् ग़ज़ल तक आने तथा मार्गदर्शन करने के लिए आपकी आभारी हूँ।सर्…"
14 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"जनाब सालिक गणवीर जी आदाब, क्या ख़ूब ग़ज़ल कही है आपने, उस्ताद मुहतरम की इस्लाह पर अमल के बाद ग़ज़ल…"
14 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' जी नमस्कार।ग़ज़ल तक आने तथा हौसला बढ़ाने के लिए आपकी आभारी हूँ…"
15 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल (1222 1222 122)
"धन्यवाद आ० समर कबीर गुरु जी मार्गदर्शन करते रहें"
15 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल : मनोज अहसास
"जनाब मनोज 'अह्सास' जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश करता हूँ, मिसरा- उठती नहीं…"
18 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब, रूहानी अंदाज़ में अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश करता हूँ, उस्ताद…"
19 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on amita tiwari's blog post सर्दीली सांझ ऐसे आई मेरे गाँव
"मुहतरमा अमिता तिवारी जी आदाब, सुंदर रचना हुई है, हृदय तल से बधाईयाँ। सादर। "
19 hours ago
Samar kabeer commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल (1222 1222 122)
"जनाब आज़ी तमाम जी आदाब, आपकी ग़ज़ल अभी समय चाहती है, अध्यन करे,इस प्रस्तुति पर बधाई आपको ।"
20 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service