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HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI's Discussions (33)

Discussions Replied To (33) Replies Latest Activity

"उठाता है वो जब चश्मे करम ऐसा भी होता है। सभी बनते हैं मेरे हमकदम ऐसा भी होता है ।।…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Mar 26, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129

330 Mar 27, 2021
Reply by Samar kabeer

"रह वो ऐसी दिखा गया है मुझे। ढ़ंग जीने का आ गया है मुझे।। ख्वाब दे कर नए जमाने के। आज…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"किताबे जीस्त का हर एक बाब पहने हुए सवाल आया है खुद ही जवाब पहने हुए फ़ज़ा-ए-बज़्म नहाई…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Oct 28, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-76

383 Oct 29, 2016
Reply by Samar kabeer

"वो भी काम आए न इक दिन के लिए वक़्फ़ कर दी जिंदगी जिनके लिए जा के ठहरी हैं निगाहें बर्…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वफा की राह में हद से जो दीवाना गुज़र जाए जफा के शहर में हर फर्द का नश्शा उतर जाए खुद…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Apr 22, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"बेवफा कौन है बा वफ़ा कौन हैसोचता हूँ मेरा हमनवां कौन है इश्क़ का जाम किसके नहीं हाथ म…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Feb 26, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-68

1191 Feb 27, 2016
Reply by shree suneel

"अगयार के आगे ख़म सर अपने नहीं होते तो बंद किसी सूरत दर अपने नहीं होते हम जंग के मैदा…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Oct 23, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जो गुज़रती है मेरे दिल मैं छुपाये न बने दास्ताँ गम की ज़माने को सुनाये न बने ढूढ़ना…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

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HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied Jun 28, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"कैसा मुनसिफ़ ये फ़ैसला लाया हक़ मे मज़लूम के सज़ा लायागर्क दरिया में हो गया कोई तह स…"

HAFIZ MASOOD MAHMUDABADI replied May 24, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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"वाह मुसाफिर साहब खूब गजल हुई है । बधाई "
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"शानदार गजल हुई है बधाई .. "
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कभी तो पढ़ेगा वो संसार घर हैं - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन।गजल पर उपस्थिति, प्रशंसा व स्नेह के लिए आभार। टंकण त्रुटि की ओर ध्यान…"
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"मुतदारिक मुसम्मन सालिम  न कि जैसा  कि की बोर्ड की शरारत  से लिखा गया  है,…"
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