For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Anuj's Discussions (45)

Discussions Replied To (42) Replies Latest Activity

"तीरगी के खैरख्वाह हैं लोग सब,“नूर”!! बेजा तू जला इन के लिये. ऐसा न कहिये OBO पर आपक…"

Anuj replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आये थे  वो  बाद में  तिनके लिए डूबे थे दरिया में हम जिनके लिए देखने थे ये भी दिन जब…"

Anuj replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"यह अवश्य है कि मतला हो या हुस्नेमतला उनका अंदाज़ यकसा होता है. आपने, फिर, हुस्नेमतले…"

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"लो मैं अपना सफ़ीना खुद भँवर को सौंप देता हूँतमाशा देखने वाले से कह दो....अपने घर जाए…"

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"बड़ी उम्मीद से जब राह तकती हों कई आँखेंबताओ 'विर्क' कैसे कोई खाली हाथ घर जाए । इसे श…"

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"तेरा इंसान धरती को बहुत बदरंग करता है,बुला ले सब को ऐ मौला!! कि फ़िर दुनिया संवर जाए.…"

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"ज़रा ऐ ज़िन्दगी इस प्रश्न का उत्तर तो देती जा [[जिसे हो जुस्तजू अपनी वो बेचारा किधर जा…"

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"ज़रा सोचो दिले आशिक़ पे उस दम क्या गुज़रती है कि दिलबर आए ,बैठे ,कुछ न बोले ,उठ्ठे घर ज…"

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"शुक्रिया गिरिराज जी, करम है आपका... "

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

"शुक्रिया समर साहब, हौसला अफ्जाई के लिए धन्यवाद.  "

Anuj replied Apr 23, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-70

717 Apr 23, 2016
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक .. इच्छा , कामना, चाह आदि
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय ।"
5 hours ago
Chetan Prakash commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल : मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूम
"जनाब, आज़ी आदाब, अच्छी ग़ज़़ल हुई, मुबारक हो !"
7 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक .. इच्छा , कामना, चाह आदि
" आदरणीय सुशील सरना साहब, मानव मन की चाह पर सुन्दर दोहावली रची है आपने. हार्दिक बधाई…"
8 hours ago
Euphonic Amit commented on Mamta gupta's blog post गजल
"अच्छी ग़ज़ल कही आपने बधाई "
yesterday
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल : मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूम

१२१२ ११२२ १२१२ २२मिज़ाज़-ए-दश्त पता है न नक़्श-ए-पा मालूमहमारे दर्द-ए-जिगर का भी किसको क्या…See More
yesterday
Mamta gupta posted a blog post

गजल

बह्र-2122 2122 2122 212काफ़िया- गुमरही "ई" स्वररदीफ़-"क्या चीज़ है"ग़ज़ल-समझा राहे-दिल से हट कर गुमरही…See More
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212   112/22*ज़ीस्त  का   जो  सफ़र   ठहर   जाएआरज़ू      आरज़ू      बिख़र     जाए बेक़रारी…See More
yesterday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी में (ग़ज़ल)

1222 1222 122-------------------------------जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी मेंवो फ़्यूचर खोजता है लॉटरी…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन।गीत पर पुनः उपस्थिति और विस्तृत सुझावपूर्ण टिप्पणी के लिए हार्दिक…"
yesterday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"नदियाँ लूटीं जंगल काटे रस्ते करते पर्वत नाटे आदरणीय व्याकरण की गलती को ऐसे ठीक किया है। बाकी इस…"
Sunday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"काटे जंगल, नदिया लूटीव्यापारी बन दौलत कूटी।। नदी को गीतकारों ने नदिया भी कहा है। जैसे नदिया…"
Sunday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद आपका। सादर"
Sunday

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service