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Tasdiq Ahmed Khan's Discussions (4,813)

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"जनाब गिरराज साहब आपने दुरुस्त फरमाया....शब्द डर की जगह दर टाइप हो गया है .....ग़ज़ल…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"जनाब गिरराज साहब आपने दुरुस्त फरमाया....शब्द डर की जगह दर टाइप हो गया है .....ग़ज़ल…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"जनाब शकूर साहब ग़ज़ल पर गोर करने का शुक्रिया .....मिसरा मक़ते का ..तुम भी तस्दीक़...…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"दिल लगाने के लिए गोर से दिलबर देखो इश्क़ की राह में मिलते हैं सितम्गर देखो अंजुमन म…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Nov 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-65

555 Nov 28, 2015
Reply by योगराज प्रभाकर

"जनाब शेख शहज़ाद उस्मानी साहब,  होसला अफज़ाइ का तहे दिल से शुक्रिया"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब रोशन साहब, ग़ज़ल पसंद करने का शुक्रिया"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब लक्ष्मण साहब ,होसला बढ़ाने के लिए शुक्रिया"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब समर कबीर साहब ,ग़ज़ल पसंद आई ,शुक्रिया......1 अर का मतलब है अगर .....2 छर का मत…"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"भाई गंगाधर जी होसला बढ़ाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया"

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब शेख शहज़ाद साहब,होसला अफज़ाइ का बहुत बहुत शुक्रिया..."

Tasdiq Ahmed Khan replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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