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साहित्य (68)

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अखिल विश्व हिंदी समिति, टोरोंटो, कनाडा द्वारा आयोजित 'विश्व कवि सम्मलेन' व 'विश्व भाषा हिंदी' गोष्ठी के लिये सादर निमंत्रण

प्रिय गणेश जी व ओपन बुक्स ऑनलाइन के समस्त कवि व लेखक गणों, सादर नमस्कार! आपको जानकर प्रसन्नता होगी कि 'अखिल विश्व हिंदी समिति', टोरोंटो,…

Started by GOPAL BAGHEL 'MADHU'

0 Jun 13, 2011

सदस्य टीम प्रबंधन

कुछ लुप्त प्राय कहावतें

हर भाषा में कुछ जुमले/कहावतें/मुहावरे प्रयोग किये जाते हैं. हम आपने बुजुर्गों से कई बार ऐसी कहावते सुनते हैं जिन्हें हम नहीं समझ पाते हैं.…

Started by Rana Pratap Singh

16 Dec 30, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

अंतर्जाल पर हिंदी का प्रयोग

बहुत दिनों से मन में यह बात कचोटती है. पिछले कुछ दिनों में अंतर्जाल(इन्टरनेट) पर हिंदी के प्रयोग में बेहिसाब वृद्धि हुई है. ये भविष्य में ह…

Started by Rana Pratap Singh

15 Nov 14, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

ब्राह्मण

सादर नमस्कार। प्रस्तुत है हमारी एक कविता जो मैंने आज से 14 साल पहले लिखी थी। मैं हिन्दू हूँ, जी हाँ एक हिन्दू, कुछ गलत रुढ़ियों एवं प्रथा…

Started by Prabhakar Pandey

12 Aug 2, 2010
Reply by Manoj Kumar Jha

हे प्रभु ! मृत्यु आपके हाथ में है परंतु मरे तो मरे कौन और कब मरे?

प्रस्तुत कविताएँ ' पारसनाथ ' द्वारा रचित हैं . इन कविताओं को मेरे दादाजी अक्सर सुनाया करते हैं. आपको भी पसंद आयेंगी . 1. प्रस्तुत कविता म…

Started by Prabhakar Pandey

4 Jul 18, 2010
Reply by आशीष यादव

कलजुगी साधू

गाव में चारो तरफ गहमा गहमी लागल रहुये , जेकरा के देखा उहे बेआस्त हमारा कुछ समझ में न आवत रहुये की हमर गाव जवान हमेशा सुस्त रहेला आज एकरा मे…

Started by Rash Bihari Ravi

3 May 4, 2010
Reply by Varun Kumar

kavita ke bare

kavita kya hai ? do sabdon ke beech ka maun kavita hai ....ajyenji (pl write yr definition of poem )

Started by rakesh naraian

7 May 2, 2010
Reply by rakesh naraian

गंगा पुर

गंगा पुर महेश लाठी लेके दाऊरत जात रहलन ता उनके मोहन टोकले कहा जात बार हो महेश उ दाऊरते दाऊरते कहले की मुखिया जी के खेत गंगावा के लाईका जोते…

Started by Rash Bihari Ravi

1 Mar 24, 2010
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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"जनाब लक्ष्मण धामी भाई 'मुसाफ़िर' जी आदाब, मतले के बग़ैर  बहुत अच्छी ग़ज़ल कही है…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post ढूँढा सिर्फ निवाला उसने - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई विजय शंकर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, स्नेह व उत्तसाहवर्धन के लिए आभार।"
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"जी, ठीक है अब ।"
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Krish mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
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Krish mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
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"जी शुक्रिया, मेहरबानी ज़र्रानवाज़ी के लिए आ. रचना जी। सादर"
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Krish mishra replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
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अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
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